IDFC बैंक घोटाले में ED ने ACB से मांगा रेकॉर्ड

नवभारत टाइम्स

आईडीएफसी बैंक के 590 करोड़ के फर्जीवाड़े में अब ईडी भी जांच शुरू करेगी। हरियाणा एसीबी पहले से इस मामले की जांच कर रही है और चार बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ईडी ने एसीबी से जांच से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। दस्तावेज मिलते ही ईडी अपनी जांच शुरू करेगी।

IDFC बैंक घोटाले में ED ने ACB से मांगा रेकॉर्ड
आईडीएफसी बैंक से जुड़े 590 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी जांच करेगा। हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) पहले से इस मामले की पड़ताल कर रही है और अब तक चार बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ईडी ने एसीबी से घोटाले से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं, जिन्हें मिलते ही वह अपनी जांच शुरू कर देगी। ईडी इस मामले पर शुरू से ही नजर रखे हुए है और अपनी तरफ से भी जानकारी जुटा रही है। गिरफ्तार आरोपी फिलहाल सात दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। रिमांड खत्म होने के बाद ईडी मामला दर्ज कर उन्हें अपनी हिरासत में ले सकती है।

एसीबी ने जांच के दौरान बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। उनसे कई बार लंबी पूछताछ हुई। पूछताछ के दौरान आरोपियों के सामने बैंक कर्मियों को भी पेश किया गया। आरोपियों से पूछताछ के बाद उनके घरों से लैपटॉप भी बरामद हुए हैं। यह पूरा मामला आईडीएफसी बैंक और हरियाणा सरकार के बीच 590 करोड़ रुपये के एक बड़े फर्जीवाड़े से जुड़ा है। एसीबी इस मामले में पहले से ही कार्रवाई कर रही है और अब ईडी के शामिल होने से जांच का दायरा और बढ़ गया है। ईडी की एंट्री से इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
ईडी ने एसीबी को एक पत्र लिखकर घोटाले से संबंधित सभी जरूरी कागजात मांगे हैं। जैसे ही ये दस्तावेज ईडी को मिलेंगे, वे इस मामले की जांच अपने हाथ में ले लेंगे। ईडी के अधिकारी इस पूरे मुद्दे पर शुरू से ही नजर बनाए हुए थे और अपनी तरफ से भी कई तरह की जानकारियां इकट्ठा कर रहे थे। एसीबी ने जिन चार बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है, वे सभी फिलहाल सात दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद ईडी इस मामले में एफआईआर दर्ज करके आरोपियों को अपनी कस्टडी में ले सकती है।

एसीबी ने अपनी जांच के दौरान बैंक के कई अधिकारी और कर्मचारियों को पूछताछ के लिए तलब किया था। उनसे दिनभर कई दौर की पूछताछ चलती रही। पूछताछ के दौरान, आरोपियों के सामने बैंक कर्मियों को भी पेश किया गया। आरोपियों से पूछताछ के बाद उनके घरों से लैपटॉप भी बरामद किए गए हैं। यह पूरा मामला आईडीएफसी बैंक द्वारा हरियाणा सरकार के साथ किए गए 590 करोड़ रुपये के एक बड़े फर्जीवाड़े से जुड़ा है। एसीबी इस मामले में पहले से ही कार्रवाई कर रही है और अब ईडी के शामिल होने से जांच का दायरा और बढ़ गया है। ईडी की एंट्री से इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।