ट्रेन-विमान में टिकट नहीं, बस का किराया "5,000

नवभारत टाइम्स

होली के त्यौहार पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेनों में पहले से ही भीड़ थी। विमानों के टिकट मिलना बंद हो गए थे और कनेक्टिंग फ्लाइट का किराया 17,600 रुपये तक पहुंच गया था। प्राइवेट बसों ने भी मनमाने ढंग से किराया बढ़ाकर 5,000 रुपये तक कर दिया।

ट्रेन-विमान में टिकट नहीं, बस का किराया "5,000
होली के मौके पर दिल्ली से लखनऊ आने-जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार को रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और एयरपोर्ट पर जबरदस्त भीड़ देखी गई। IRCTC की वेबसाइट पर लखनऊ के लिए दिल्ली से विमानों के विकल्प ही नहीं मिल रहे थे। जो कनेक्टिंग फ्लाइट्स थीं, उनका किराया 17,600 रुपये तक पहुंच गया था। वहीं, प्राइवेट बस संचालकों ने मनमाने ढंग से सीट का किराया 5,000 रुपये तक कर दिया था। ट्रेनों में तो पहले से ही 'रिग्रेट' यानी नो-रूम की स्थिति थी। रविवार को छुट्टी होने के कारण बड़ी संख्या में लोग शनिवार को ही सफर पर निकल पड़े थे।

दिल्ली से लखनऊ के लिए शाम सात से रात 11 बजे तक तीन विमान उड़ते हैं। आमतौर पर इन उड़ानों के टिकट उड़ान वाले दिन सुबह से दोपहर तक आसानी से मिल जाते हैं। लेकिन इस बार शनिवार को स्थिति ऐसी थी कि IRCTC ने अपनी वेबसाइट पर सुबह से ही विमानों के टिकट का विकल्प बंद कर दिया। पेटीएम जैसे दूसरे प्लेटफॉर्म पर विकल्प तो थे, लेकिन सीधी उड़ानें उपलब्ध नहीं थीं। कनेक्टिंग फ्लाइट से सफर नौ घंटे का था और इसका किराया 17,600 रुपये तक पहुंच गया था। मुंबई और बेंगलुरु से भी सीधी उड़ानों का किराया 15 से 16 हजार रुपये तक जा पहुंचा था।
हालांकि, रविवार को यात्रियों की भीड़ कम होने के साथ ही किराए में भी काफी गिरावट आई। दिल्ली से लखनऊ का किराया जहां 8,800 रुपये में मिल रहा था, वहीं मुंबई और बेंगलुरु से किराया 12 से 13 हजार रुपये में उपलब्ध रहा।

स्टेशनों पर उमड़ी भीड़

लखनऊ में शनिवार को रेलवे और बस स्टेशनों पर लोगों का रेला लगा रहा। सबसे ज्यादा भीड़ उन यात्रियों की थी जो पूर्वांचल और बिहार की ओर जा रहे थे। वहीं, दिल्ली और मुंबई से भी बड़ी संख्या में लोग रविवार को लखनऊ पहुंचेंगे। चारबाग, लखनऊ जंक्शन, गोमतीनगर, बादशाहनगर और ऐशबाग रेलवे स्टेशनों पर सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई। आलमबाग और अवध कमता बस स्टेशनों पर भी देर रात तक यात्रियों की भीड़ लगी रही।

चारबाग रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ का अंदाजा पहले से था। इसलिए जीआरपी और आरपीएफ ने मोर्चा संभाल लिया था। यात्रियों की सुविधा के लिए चारबाग रेलवे स्टेशन पर आरक्षण केंद्र से एक्सेलेटर की तरफ बैरीकेडिंग की गई थी। इसका मकसद यह था कि ऑटो और अन्य वाहन वहां खड़े न हो पाएं और यात्रियों को आने-जाने में आसानी हो।

यात्रियों को हुई भारी परेशानी

होली के त्योहार पर घर जाने की खुशी में यात्रियों को सफर के दौरान काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। विमानों के टिकट न मिलने और किराए में बेतहाशा वृद्धि ने लोगों का बजट बिगाड़ दिया। बस संचालकों की मनमानी और ट्रेनों में सीटों की अनुपलब्धता ने यात्रियों को परेशान कर दिया। कई यात्रियों को तो आखिरी समय में अपनी यात्रा योजना बदलनी पड़ी या फिर बहुत ऊंचे दामों पर टिकट खरीदने पड़े। त्योहार के उल्लास के बीच इस अव्यवस्था ने कई लोगों के लिए सफर को एक चुनौती बना दिया।