ग्रेनो में जल विभाग की लापरवाही, स्कूल के पास छोड़ दिया गहरा गड्ढा

नवभारत टाइम्स

ग्रेनो के सेक्टर बीटा-1 में जल विभाग ने गंगाजल पाइपलाइन की लीकेज ठीक करने के बाद एक गहरा गड्ढा खुला छोड़ दिया। यह गड्ढा विश्व भारती स्कूल के पास था, जिससे बच्चों और राहगीरों के लिए खतरा बढ़ गया था। सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा होने के बाद प्राधिकरण हरकत में आया और गड्ढा भरवाया गया।

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ग्रेनो के सेक्टर बीटा-1 में स्कूल के पास जल विभाग की लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। करीब 15-20 दिन पहले गंगाजल पाइपलाइन की लीकेज ठीक करने के लिए सूरजपुर रोड स्थित विश्व भारती स्कूल चौराहे के पास जल विभाग की टीम ने एक गहरा गड्ढा खोदा था। काम पूरा होने के बाद भी गड्ढे को खुला छोड़ दिया गया, जिसमें पानी भर गया और यह बच्चों और राहगीरों के लिए खतरनाक बन गया था। शुक्रवार को सेक्टर बीटा-1 आरडब्ल्यूए के महासचिव हरेन्द्र भाटी ने मौके का जायजा लिया और सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर अधिकारियों की लापरवाही को उजागर किया। शिकायत के बाद प्राधिकरण हरकत में आया और जेसीबी मशीन व जल विभाग के कर्मचारियों ने गड्ढे को भर दिया।

यह घटना सेक्टर बीटा-1 की सर्विस रोड पर विश्व भारती स्कूल के पास हुई। जल विभाग ने लगभग 15 से 20 दिन पहले गंगाजल पाइपलाइन में आई लीकेज को ठीक करने के लिए यह गड्ढा खोदा था। लेकिन, काम खत्म होने के बाद उन्होंने गड्ढे को वैसे ही खुला छोड़ दिया। समय के साथ, इस गड्ढे में बारिश का पानी भर गया और इसकी गहराई काफी बढ़ गई।
इस खुले और पानी से भरे गड्ढे के कारण स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए एक बड़े हादसे का खतरा पैदा हो गया था। स्थानीय लोगों ने इस लापरवाही पर चिंता जताई थी।

शुक्रवार को सेक्टर बीटा-1 आरडब्ल्यूए के महासचिव हरेन्द्र भाटी ने खुद मौके पर जाकर गड्ढे की स्थिति देखी। उन्होंने वहां की तस्वीरें लीं और पूरी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। इसके जरिए उन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों की लापरवाही को सबके सामने लाया।

लोगों का कहना था कि इस तरह पानी से भरे गड्ढे किसी बड़ी दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। जब यह मामला सोशल मीडिया पर सामने आया और शिकायत की गई, तब जाकर प्राधिकरण हरकत में आया। दोपहर के समय जेसीबी मशीन और जल विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने उस खतरनाक गड्ढे को भर दिया। इस तरह एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।