Tradition Of Festivals Is Indias Great Strength Cm Yogi
त्योहारों की परंपरा भारत की बड़ी ताकत: मुख्यमंत्री
नवभारत टाइम्स•
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा-वृंदावन में कहा कि त्योहारों की परंपरा भारत की बड़ी ताकत है। यह हमारी विरासत है जो हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। पर्व और त्योहार जीवन में उत्साह, उमंग और सकारात्मकता लाते हैं। ये हमें समाज और राष्ट्र के लिए कुछ करने की इच्छा शक्ति देते हैं।
मथुरा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मथुरा-वृंदावन के अपने एक दिवसीय दौरे पर कहा कि भले ही वे इस बार होली पर यहां नहीं आ सके, लेकिन उन्होंने देखा कि लाखों श्रद्धालु और पर्यटक होली के उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पूरे देश और प्रदेश में होली का त्योहार उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ, लेकिन ब्रज में अभी भी होली के कार्यक्रम जारी हैं। सीएम योगी ने कहा कि पर्व और त्योहारों की यह परंपरा भारत की बहुत बड़ी ताकत है। यह हमारी विरासत है जो हमें आगे बढ़ने की नई प्रेरणा देती है। ये पर्व और त्यौहार हमें जीवन में उत्साह, उमंग और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए प्रेरित करते हैं। समाज और राष्ट्र के लिए कुछ कर गुजरने की इच्छा शक्ति होनी चाहिए। जीवन नकारात्मकता, विध्वंसात्मकता और अराजकता का नाम नहीं हो सकता। जीवन को जीवंत बनाए रखने के लिए सकारात्मक भाव पैदा करना आवश्यक है। हमारे पर्व और त्यौहार हमें उस सकारात्मक भाव के साथ जीने की प्रेरणा देते हैं।
सीएम योगी ने मथुरा-वृंदावन के अपने दौरे पर कहा कि इस बार होली पर वे यहां नहीं आ पाए, लेकिन उन्होंने देखा कि लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक होली के उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पूरे देश और प्रदेश में होली का त्योहार बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। सीएम योगी ने यह भी कहा कि ब्रज में अभी भी होली के कार्यक्रम चल रहे हैं, जिसके लिए उन्होंने सभी को बधाई और शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पर्व और त्योहारों की परंपरा भारत की एक बहुत बड़ी ताकत है। यह हमारी विरासत है जो हमें जीवन में आगे बढ़ने के लिए एक नई प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि ये पर्व और त्यौहार हमें हमेशा प्रेरित करते हैं कि जीवन में उत्साह, उमंग और सकारात्मकता बनी रहनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि समाज और राष्ट्र के लिए कुछ कर गुजरने की एक मजबूत इच्छा शक्ति होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीवन नकारात्मकता, विध्वंसात्मकता या अराजकता का नाम नहीं हो सकता। जीवन को जीवंत बनाए रखने के लिए सकारात्मक भाव पैदा करना बहुत जरूरी है। हमारे पर्व और त्यौहार हमें उस सकारात्मक भाव के साथ जीने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।