6926 बकायेदारों पर लटकी तलवार, बोर्ड तय करेगा आवंटियों का भविष्य

नवभारत टाइम्स

यमुना प्राधिकरण की वन टाइम सेटलमेंट स्कीम नाकाम रही है। करीब ₹4500 करोड़ का बकाया न चुकाने वाले 6926 आवंटियों पर कार्रवाई होगी। प्राधिकरण आगामी बोर्ड बैठक में सख्त कदम उठाने का प्रस्ताव रखेगा। आवास, संस्थागत और औद्योगिक श्रेणियों के डिफॉल्टरों पर मूल राशि और अतिरिक्त मुआवजे का पैसा बकाया है।

action looms over 6926 defaulters yamuna authoritys one time settlement scheme fails
ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम डिफॉल्टरों को लुभाने में बुरी तरह फेल हो गई है। आठवीं बार मौका देने के बावजूद, केवल 4% आवंटियों ने ही इस स्कीम का फायदा उठाया। अब करीब ₹4500 करोड़ का बकाया न चुकाने वाले 6926 आवंटियों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। यीडा अपनी अगली बोर्ड बैठक में इन डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का प्रस्ताव रखेगा।

यीडा ने कुल 7197 आवंटियों को डिफॉल्टर घोषित किया था। इनमें आवास, संस्थागत और औद्योगिक श्रेणी के लोग शामिल हैं। इन पर न सिर्फ मूल राशि बकाया है, बल्कि किसानों को दिए जाने वाले 64.7% अतिरिक्त मुआवजे का पैसा भी देना है। प्राधिकरण ने अपनी 88वीं बोर्ड बैठक में ब्याज माफी और मूलधन पर 2% की छूट जैसे कई आकर्षक ऑफर दिए थे। लेकिन, इन ऑफर्स के बावजूद सिर्फ 271 आवंटियों ने ही स्कीम के लिए आवेदन किया।
यह स्कीम डिफॉल्टरों को एक मौका देने के लिए लाई गई थी ताकि वे अपना बकाया चुका सकें। लेकिन, आवंटियों की कम भागीदारी से यह साफ है कि स्कीम उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं हुई। अब यीडा के सामने एक बड़ी चुनौती है कि वह ₹4500 करोड़ का बकाया कैसे वसूले। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि अब डिफॉल्टरों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई आगामी बोर्ड बैठक में तय की जाएगी। इस मामले में आगे क्या होता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।