Bjp Organization To Become A Bridge Between Government And Public Jan Sunwai Preparations Begin
सरकार और जनता के बीच सेतु का काम करेगा संगठन
नवभारत टाइम्स•
भाजपा संगठन अब सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा। पार्टी कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा। संगठन के पदाधिकारी जनता की समस्याएं सुनेंगे और उन्हें सरकार तक पहुंचाकर समाधान करवाएंगे। यह व्यवस्था पहले भी की जा चुकी है। नई कार्यकारिणी के गठन के बाद इस योजना को तेजी से लागू किया जाएगा।
लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब सरकार और जनता के बीच एक मजबूत पुल का काम करेगी। इसके लिए पार्टी अपने लखनऊ स्थित कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन करने की तैयारी कर रही है। इस पहल के तहत, संगठन के पदाधिकारी पार्टी दफ्तर में बैठकर सीधे जनता की समस्याएं सुनेंगे और फिर उन्हें सरकार तक पहुंचाकर उनके समाधान की दिशा में काम करेंगे। यह प्रयोग भाजपा के लिए नया नहीं है, क्योंकि पहले भी योगी सरकार के कार्यकाल में मंत्री स्वयं पार्टी दफ्तर आकर जनता की शिकायतें सुनते थे।
नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया के बीच, भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया है। हाल ही में हुई एक बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि जनता और कार्यकर्ताओं की आवाज सरकार तक पहुंचे, जिसमें संगठन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पहले की तरह मंत्रियों के साथ-साथ संगठन के पदाधिकारियों को भी तय दिनों पर पार्टी दफ्तर आकर लोगों की समस्याएं सुनने का प्रस्ताव था। हालांकि, अधिकांश की राय थी कि मंत्री अपने सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक मंचों पर उपलब्ध रहते ही हैं, इसलिए पार्टी दफ्तर में संगठन के पदाधिकारी ही जनसुनवाई करें।इन पदाधिकारियों द्वारा सुनी गई समस्याओं की वरिष्ठ पदाधिकारी जांच करेंगे। जो समस्याएं जायज पाई जाएंगी, उन्हें संबंधित मंत्रियों तक पहुंचाया जाएगा और उनके समाधान के लिए पैरवी की जाएगी। पार्टी नेतृत्व जल्द ही नई कार्यकारिणी का गठन करेगा और उसके तुरंत बाद ही इस जनसुनवाई कार्यक्रम को शुरू करने की तैयारी है। यह कदम जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
पहले भी भाजपा ने इस तरह के प्रयोग किए हैं। योगी-01 सरकार के दौरान, मंत्रियों को अलग-अलग विभागों के लिए तय दिनों पर भाजपा दफ्तर में बैठकर जनता की शिकायतें सुनने का जिम्मा सौंपा गया था। उस समय भी संगठन के पदाधिकारी उनके साथ मौजूद रहते थे। अब इस पुरानी व्यवस्था को फिर से शुरू करने की योजना है, लेकिन इस बार जनसुनवाई का मुख्य भार संगठन के पदाधिकारियों पर होगा। यह सुनिश्चित करेगा कि जमीनी स्तर की समस्याएं सीधे पार्टी के माध्यम से सरकार तक पहुंचें और उनका प्रभावी ढंग से समाधान हो सके।
यह जनसुनवाई कार्यक्रम भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल जनता के विश्वास को मजबूत करेगा, बल्कि पार्टी को जमीनी हकीकत से भी जोड़े रखेगा। संगठन के पदाधिकारी जनता की आवाज बनकर सरकार तक पहुंचेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि विकास कार्यों में जनता की भागीदारी बनी रहे। इस पहल से पार्टी की छवि और मजबूत होगी और यह जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दर्शाएगी।