Faridabad Crores Worth Of Jewelry Missing From Bank Locker Four Accused Including Manager On Two day Remand
लॉकर से गहने गायब होने के मामले में चारों आरोपी दो दिन के रिमांड पर
नवभारत टाइम्स•
फरीदाबाद के एसबीआई बैंक से करोड़ों के गहने चोरी हुए। पुलिस ने बैंक मैनेजर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान गहनों की बरामदगी और अन्य साथियों के बारे में पूछताछ होगी। यह घटना बैंक की सेक्टर-15 शाखा में हुई।
फरीदाबाद के सेक्टर-15 स्थित एसबीआई बैंक से करोड़ों रुपये के गहने गायब होने के मामले में पुलिस ने बैंक मैनेजर प्रीति कटारिया समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को अदालत ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। यह गहने चार्टर्ड अकाउंटेंट डीसी गर्ग के लॉकर से गायब हुए थे, जिनकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस इन आरोपियों से गहनों की बरामदगी और वारदात में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।
सेक्टर-15ए के रहने वाले डीसी गर्ग पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि जब उन्होंने अपने बैंक लॉकर को खुलवाया तो उसमें रखे सारे कीमती सामान, जैसे गहने और अन्य कीमती वस्तुएं, गायब थीं। उन्होंने तुरंत 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को चोरी की सूचना दी। गर्ग का आरोप है कि वह लगातार बैंक मैनेजर पवन रावत से अपने सामान के बारे में पूछते रहे, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस दौरान बैंक प्रबंधक ने अपने रीजनल मैनेजर अनिल दलाल को भी बुलाया। उन्होंने भी बैंक मैनेजर रावत से घटना के बारे में अलग से बात की, लेकिन गर्ग को कोई तसल्लीदेह जवाब नहीं मिला और वे चले गए।डीसी गर्ग के मुताबिक, उनके लॉकर में कोंधनी (तगड़ी), सीतारामी (गले का हार), हाथ के कड़े, गले के हार, सात सोने की अंगूठियां, कानों के कुंडल (4 जोड़ी), नाक की नथ (2), गले की चेन (3), पांच गिन्नी, 150 चांदी के सिक्के और करीब एक किलो चांदी की अन्य सामग्री रखी थी। इन सभी गहनों की मौजूदा कीमत दो करोड़ रुपये से ज्यादा है।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी सबूतों, बैंक कर्मचारियों से पूछताछ और अन्य सुरागों के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार देर शाम सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से चोरी हुए गहनों को बरामद करने, वारदात को अंजाम देने के तरीके और इस मामले में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी। पुलिस इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। यह घटना बैंक सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। ग्राहकों के कीमती सामान की सुरक्षा बैंक की जिम्मेदारी होती है, और इस मामले में यह जिम्मेदारी पूरी तरह से नहीं निभाई गई। पुलिस की जांच से उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा होगा और चोरी हुए गहने बरामद होंगे। यह भी पता चलेगा कि इस चोरी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और उन्होंने इस वारदात को कैसे अंजाम दिया।