गाज़ियाबाद और नोएडा के विकास कार्यों की हुई समीक्षा

नवभारत टाइम्स

गाज़ियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के विकास कार्यों की समीक्षा हुई। विधान परिषद की नियम पुनरीक्षण समिति ने विकास भवन में बैठक की। सभापति हरिओम पाण्डेय ने नगर निगम के स्वच्छता मॉडल की सराहना की। अधिकारियों को विकास प्रस्तावों की गहन जांच के निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों के पत्रों का तेजी से निपटारा हुआ।

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गाजियाबाद में मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की नियम पुनरीक्षण समिति की बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता सभापति हरिओम पाण्डेय ने की। बैठक में गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के विकास कार्यों और सरकारी नियमों के पालन की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ और अन्य अधिकारियों ने समिति के सदस्यों का स्वागत किया। समिति ने नगर निगम के स्वच्छता मॉडल की सराहना की और अन्य विभागों को भी ऐसे ही सुधार करने की सलाह दी। साथ ही, विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजने से पहले उनकी अच्छी तरह जांच करने का सुझाव दिया गया ताकि वे बाद में रद्द न हों।

विकास भवन में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में, समिति ने तीनों जिलों में चल रहे विकास कार्यों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन सालों में गाजियाबाद के 25 विभागों को जनप्रतिनिधियों से कुल 283 पत्र मिले थे, जिनमें से 280 पर कार्रवाई पूरी कर ली गई है। यह आंकड़ा सरकारी कामकाज में तेजी को दर्शाता है।
सभापति हरिओम पाण्डेय ने गाजियाबाद नगर निगम के स्वच्छता मॉडल की खास तौर पर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह मॉडल दूसरे विभागों के लिए एक मिसाल है और उन्हें भी इसी तरह अपने काम में सुधार लाना चाहिए। इससे आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

समिति के सदस्यों ने अधिकारियों को एक अहम सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों से जुड़े कोई भी प्रस्ताव भेजने से पहले उनकी पूरी और गहन जांच की जानी चाहिए। ऐसा करने से यह सुनिश्चित होगा कि प्रस्तावों को बाद में किसी भी कारण से अस्वीकृत न किया जाए, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।