'अपने-अपने इलाकों का निरीक्षण कर सफाई की स्थिति पर दें रिपोर्ट'

नवभारत टाइम्स

नगर निगम कमिश्नर ने सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों को अपने-अपने इलाकों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। सड़कों की मरम्मत और ग्रीन बेल्ट की मेंटिनेंस पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। धूल मुक्त वातावरण के लिए सड़कों का एंड-टू-एंड पेव्ड होना जरूरी है।

gurugram municipal commissioners directive inspect your areas and report on sanitation status
गुड़गांव नगर निगम के कमिश्नर ने मंगलवार को निगम कार्यालय में एक अहम बैठक की। इस बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की गई। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उन सड़कों को तुरंत पहचानें जहां फुटपाथ और सड़क के बीच गैप है और जिन्हें मरम्मत की जरूरत है। साथ ही, इन जगहों पर सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और ग्रीन बेल्ट की देखभाल पर भी खास ध्यान देने को कहा गया। बैठक में यह भी तय हुआ कि शहर में धूल-मिट्टी का माहौल खत्म करने के लिए सड़कों का पूरी तरह से पक्का होना बहुत जरूरी है।

कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि जो इलाके GMDA के अधीन आते हैं, वहां के अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया जाए। वहीं, निगम के अधीन आने वाले इलाकों में एमसीजी के इंजीनियरों की मदद से जरूरी काम पूरे करवाए जाएं। सभी जॉइंट कमिश्नरों को आदेश दिया गया कि वे अपने-अपने इलाकों में चल रहे कामों का रोज निरीक्षण करें और उसकी रिपोर्ट इंस्पेक्शन एप पर अपलोड करें। अगर कहीं भी गंदे पानी की शिकायत आती है, तो उसका तुरंत समाधान किया जाए।
यह भी तय किया गया कि शहर के बाजारों और मंडी इलाकों में सफाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड (HSAMB), मार्केट असोसिएशन और आढ़ती असोसिएशन के साथ अलग से बैठकें होंगी। समाधान शिविरों में आई शिकायतों पर भी तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में अडिशनल कमिश्नर यश जालुका और रविंद्र यादव, जॉइंट कमिश्नर नरेश कुमार, विशाल कुमार, डॉ. जयवीर यादव और रविन्द्र मलिक समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर की सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाना था। कमिश्नर ने अधिकारियों को साफ-सफाई के मामले में कोई भी कोताही न बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। फुटपाथों के गैप को भरना और ग्रीन बेल्ट की देखभाल करना, ये सब शहर को धूल-मुक्त बनाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।

यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि GMDA और एमसीजी के बीच बेहतर तालमेल रहे ताकि विकास कार्य सुचारू रूप से चल सकें। इंस्पेक्शन एप पर रिपोर्ट अपलोड करने का निर्देश इसलिए दिया गया है ताकि कामों की प्रगति पर नजर रखी जा सके और किसी भी समस्या का तुरंत पता लगाया जा सके। गंदे पानी की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर दिया गया है।

बाजारों और मंडियों में सफाई की विशेष व्यवस्था पर जोर दिया गया है क्योंकि ये इलाके अक्सर भीड़भाड़ वाले होते हैं और यहां सफाई की समस्या ज्यादा हो सकती है। इन इलाकों में संबंधित एसोसिएशनों के साथ मिलकर काम करने से बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है। समाधान शिविरों की शिकायतों का निपटारा भी लोगों की समस्याओं को हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।