Kamalapur Sugar Mill To Resume Operations After 17 Years Wave Of Happiness Among Farmers And Laborers
17 साल बाद फिर चलेगी कमलापुर शुगर मिल
नवभारत टाइम्स•
सीतापुर के कमलापुर शुगर मिल में 17 साल बाद फिर से गन्ने की पेराई शुरू होगी। मेसर्स एनआर इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड ने मिल को खरीद लिया था। अब तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें दूर हो गई हैं। मिल प्रबंधन ने मरम्मत का काम पूरा कर लिया है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए ट्रायल रन की तैयारी है।
सीतापुर के कमलापुर क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। साल 2009 से बंद पड़ी शुगर ऐंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड कमलापुर चीनी मिल, करीब 17 साल बाद फिर से गन्ने की पिराई के लिए तैयार है। मेसर्स एनआर इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड ने 2017 में मिल खरीदी थी, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतों के चलते यह शुरू नहीं हो पा रही थी। अब नए प्रबंधन के प्रयासों और केंद्र सरकार से लाइसेंस मिलने के बाद मिल का संचालन शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। मिल की मरम्मत और ज़रूरी तकनीकी काम भी पूरा हो चुका है। गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए ट्रायल रन के तौर पर मिल को गन्ना आवंटित कर दिया है। जल्द ही मिल परिसर में गन्ने से लदी ट्रॉलियों की चहल-पहल शुरू होने की उम्मीद है।
यह मिल साल 2009 से बंद थी, जिससे इलाके के हजारों किसान और मजदूर परेशान थे। अब मिल के दोबारा चालू होने से उनकी खुशियों का ठिकाना नहीं है। मेसर्स एनआर इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड ने साल 2017 में इस मिल को नीलामी में खरीदा था। लेकिन, कुछ तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा था। अब वर्तमान प्रबंधन की मेहनत और केंद्र सरकार से लाइसेंस मिलने के बाद, मिल को फिर से चालू करने की राह आसान हो गई है। प्रबंधन ने मिल की मरम्मत का काम भी पूरा कर लिया है और ज़रूरी तकनीकी चीज़ों को भी ठीक करवा लिया है।पेराई सत्र 2025-26 के लिए, मिल प्रबंधन ने गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश से ट्रायल के लिए गन्ना आवंटित करने का अनुरोध किया था। इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया है और ट्रायल के लिए गन्ना आवंटित कर दिया गया है। इसका मतलब है कि बहुत जल्द ही मिल परिसर में गन्ने से लदी ट्रॉलियां आती-जाती दिखाई देंगी। यह किसानों के लिए एक बड़ी राहत की बात है।
इसके अलावा, मिल प्रबंधन ने साल 2006 से 2009 के बीच का किसानों का बकाया गन्ना मूल्य और विकास अंशदान चुकाने पर भी सहमति जताई है। यह उन किसानों के लिए एक बड़ी राहत है जिनका पैसा लंबे समय से अटका हुआ था।
इस मिल के दोबारा शुरू होने से करीब 15 हजार गन्ना किसानों को सीधा फायदा होगा। साथ ही, लगभग 500 लोगों को सीधे तौर पर नौकरी मिलेगी और 1500 से 2000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार मिलने की संभावना है। यह क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है।