श्रमिक यूनियनों ने परिषद कार्यालय पर दिया धरना

नवभारत टाइम्स

मोदीनगर में श्रमिक यूनियनों ने परिषद कार्यालय पर धरना दिया। श्रमिक आवासों के नियमितीकरण की मांग को लेकर यह प्रदर्शन हुआ। धरने के दौरान पालिका कर्मियों और श्रमिक नेताओं के बीच झड़प भी हुई। एसडीएम के आश्वासन के बाद दो दिन के लिए धरना स्थगित कर दिया गया है। यह घटनाक्रम मंगलवार को हुआ।

श्रमिक यूनियनों ने परिषद कार्यालय पर दिया धरना
मोदीनगर में श्रमिक आवासों के नियमितीकरण की मांग को लेकर विभिन्न श्रमिक यूनियनों ने मंगलवार को नगर पालिका परिषद कार्यालय पर धरना दिया। धरने के दौरान पालिका कर्मियों और श्रमिक नेताओं के बीच कहासुनी और झड़प हुई, जिसमें श्रमिक नेताओं ने पालिका कर्मियों पर बैनर हटाने का आरोप लगाया। फिलहाल, एसडीएम के आश्वासन के बाद दो दिनों के लिए धरना स्थगित कर दिया गया है।

श्रमिक उत्थान ट्रस्ट, जनाधिकार मोर्चा और संघर्ष समिति मोदीपोन के बैनर तले श्रमिक नेता सुबह करीब 11 बजे नगर पालिका परिषद कार्यालय पहुंचे। उन्होंने गेट पर बैनर लगाकर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया। कांग्रेस नेता सुनील शर्मा भी अपने समर्थकों के साथ धरने में शामिल हुए और उन्होंने अपना समर्थन जताया।
श्रमिक नेता कुलदीप सैनी ने बताया कि नगर पालिका के अधिकारी श्रमिक आवासों के नियमितीकरण में बाधा डाल रहे हैं। उनकी मांग है कि पालिका के अधिशासी अधिकारी और आरई का तबादला किया जाए। इस धरने में सुनील शर्मा, देववृत धामा, निर्दोष खटाना, महेश सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे।

एसडीएम ने श्रमिकों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद, श्रमिक नेताओं ने दो दिनों के लिए अपना धरना स्थगित कर दिया है। हालांकि, अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे फिर से आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे हैं। यह मामला मोदी समूह से जुड़ी 22 कॉलोनियों के श्रमिकों के आवासों के नियमितीकरण से जुड़ा है, जो लंबे समय से लंबित है। श्रमिक चाहते हैं कि उनके आवासों को कानूनी मान्यता मिले ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।