मौसम विभाग ने साफ की अटकलों की धुंध

नवभारत टाइम्स

राजधानी समेत उत्तर भारत में छाई धुंध ने लोगों को परेशान किया। ईरान-अमेरिका-इस्राइल युद्ध की बमबारी की अटकलें लगाई गईं। मौसम विभाग ने इन अटकलों को खारिज किया। विभाग के अनुसार, झारखंड से आ रही नमी और हवा में ठहरे धूल के कणों के कारण यह धुंध है। अगले चार-पांच दिनों तक यह स्थिति बनी रहने की उम्मीद है।

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लखनऊ: राजधानी समेत पूरे उत्तर भारत में मंगलवार को घना कोहरा छाया रहा। स्मॉग के कारण लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत हुई। मार्च में अचानक कोहरे को देखकर लोगों को लगा कि यह ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध के कारण हो रही बमबारी का असर है। इस बात की दिन भर चर्चा रही। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने इन अटकलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। विभाग का कहना है कि यह किसी बम या बारूद का धुआं नहीं है, बल्कि झारखंड से आ रही नमी और हवा में धूल के कणों के जमने के कारण है। एक-दो दिन पहले हवा चली और फिर रुक गई, जिससे यह स्थिति बनी है। अगले चार-पांच दिनों तक कोहरे के बने रहने की उम्मीद है।

मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आमतौर पर मार्च में आसमान साफ रहता है। लेकिन इस बार हवा स्थिर है और मध्य भारत में बने एंटी साइक्लोन (चक्रवात के विपरीत हवा का दबाव) ने हवा को रोक दिया है। उत्तर प्रदेश में अभी कोई बड़ा मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसी वजह से मौसम स्थिर बना हुआ है और तापमान सामान्य से ज्यादा है। झारखंड के आसपास बने एक चक्रवाती सिस्टम से पूर्वी हवाएं (पुरवा) आ रही हैं, जिनमें काफी नमी है। इसी वजह से प्रदेश में सुबह के समय कोहरा और दिन में हल्की धुंध दिखाई दे रही है।
आने वाले 4-5 दिनों तक प्रदेश में कोई नया मौसमी सिस्टम सक्रिय होने की संभावना नहीं है। ऐसे में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा और यही स्थिति बनी रहेगी। इस दौरान कई जगहों पर तापमान सामान्य से ज्यादा रहेगा, जिससे मौसम काफी गर्म महसूस हो सकता है। सुबह-शाम कोहरा या धुंध बनी रह सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों ने साफ किया कि यह स्मॉग किसी युद्ध या बमबारी का नतीजा नहीं है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक कारणों से है। हवा में धूल के कणों के जमने और नमी के कारण यह धुंध बन रही है। यह स्थिति तब बनती है जब हवाएं एक जगह रुक जाती हैं और नमी के साथ धूल के कण भी हवा में तैरते रहते हैं।

इस मौसम के कारण लोगों को थोड़ी परेशानी हो सकती है, खासकर जिन्हें सांस की बीमारी है। आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे सुबह के समय बाहर निकलने से बचें और अगर निकलना जरूरी हो तो मास्क का इस्तेमाल करें।

तापमान में बढ़ोतरी के कारण दिन में गर्मी का अहसास होगा, लेकिन सुबह और शाम को कोहरे के कारण ठंडक बनी रहेगी। यह मौसमी बदलाव लोगों को थोड़ा अजीब लग सकता है, क्योंकि मार्च में आमतौर पर मौसम साफ और खुशनुमा होता है। लेकिन इस बार कुछ अलग ही देखने को मिल रहा है।