कंपनी के खाते से निकाले तीन करोड़, पूर्व निदेशक पर आरोप

नवभारत टाइम्स

गाजियाबाद में एक रियल एस्टेट कंपनी के पूर्व निदेशक पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तीन करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। यह रकम कंपनी के खाते से निकाली गई और परिचितों के खातों में जमा की गई। कंपनी के वर्तमान निदेशक ने कविनगर थाने में मामला दर्ज कराया है।

real estate company fraud of 3 crores former director accused of forgery
गाजियाबाद में एक रियल एस्टेट कंपनी के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कंपनी के एक पूर्व निदेशक, पंकज राघव पर फर्जी दस्तावेज तैयार करके कंपनी के खाते से करीब तीन करोड़ रुपये निकालने का आरोप है। कंपनी के निदेशक सैय्यद शाबाद अहमद की शिकायत पर कविनगर थाने में कोर्ट के आदेश के बाद पंकज राघव और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

यह पूरा मामला मैसर्स ग्रीनेक्स इंफ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिसकी स्थापना 2014 में हुई थी। कंपनी के निदेशक सैय्यद शाबाद अहमद ने बताया कि पंकज राघव को कंपनी में निदेशक बनाया गया था और वह कंपनी के बैंक खातों के मुख्य अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता थे। रियल एस्टेट के अपने अनुभव का फायदा उठाकर, पंकज राघव ने अन्य निदेशकों को विश्वास में लिया और विभिन्न परियोजनाओं के नाम पर पैसे खर्च करने का झूठा हिसाब बताया।
जांच में पता चला कि जिन सरकारी दस्तावेजों और पत्रों के आधार पर भुगतान किया गया था, वे सभी फर्जी थे। आरोप है कि 28 जनवरी 2014 से 15 जून 2018 के बीच, पंकज राघव ने इस तरह से कंपनी के खाते से लगभग तीन करोड़ पांच लाख रुपये निकाले और अपने जान-पहचान वालों के खातों में जमा कर दिए।

कुछ समय पहले जब कंपनी को इस मामले पर शक हुआ तो उन्होंने ऑडिट कराया। लेकिन पंकज राघव ने जांच में बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया। जब उनसे हिसाब मांगा गया तो उन्होंने धमकी दी। इस धोखाधड़ी के कारण कंपनी को भारी नुकसान हुआ है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। यह घटना रियल एस्टेट क्षेत्र में धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर चिंता पैदा करती है। कंपनी के निदेशक ने उम्मीद जताई है कि उन्हें जल्द न्याय मिलेगा और कंपनी का पैसा वापस आएगा।