‘खाली पदों-कटऑफ को लेकर स्थिति स्पष्ट करें’

नवभारत टाइम्स

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 29 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में रिक्त सीटों और कट ऑफ को लेकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बेसिक शिक्षा परिषद ने हाल ही में काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी की है। याचियों के अधिवक्ता का कहना है कि उनके अंक जारी कट ऑफ से अधिक हैं।

allahabad high courts directive basic education council to clarify status on vacant posts and cutoff in 29 thousand assistant teacher recruitment
प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 29 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में खाली रह गई सीटों और कट ऑफ को लेकर दायर एक याचिका पर बेसिक शिक्षा परिषद और याचिकाकर्ताओं के वकीलों से दो हफ्तों के अंदर अपना पक्ष साफ करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद ने रामचंद्र विश्वकर्मा और चार अन्य की याचिका पर दिया है।

याचियों के वकील एस के यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2025 को आदेश दिया था कि खाली सीटों पर याचिकाकर्ताओं को मौका दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया था कि काउंसलिंग के समय, जिस जिले में सबसे कम कट ऑफ गया था, उससे ज्यादा अंक लाने वाले याचिकाकर्ताओं को ही नौकरी मिलेगी।
इस आदेश का पालन करते हुए, बेसिक शिक्षा परिषद ने हाल ही में काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी की है। उन्होंने जिले के न्यूनतम कट ऑफ से लगभग 10 अंक कम करके कट ऑफ जारी किया था। याचिकाकर्ताओं के वकील का कहना है कि इस याचिका में शामिल सभी याचिकाकर्ताओं के अंक बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी किए गए कट ऑफ से ज्यादा हैं।

यह मामला 29 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी, बेसिक शिक्षा परिषद ने जिस तरह से कट ऑफ जारी किया है, उससे याचिकाकर्ता संतुष्ट नहीं हैं। इसलिए उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाई कोर्ट अब इस मामले में दोनों पक्षों को सुनकर अपना फैसला सुनाएगा।