कूड़े-पत्तों में आग से घुट रहा दम, अनदेखी से बिगड़ी हवा

नवभारत टाइम्स

ग्रेनो के पार्कों और डंपिंग यार्ड में कूड़ा जलाने का सिलसिला जारी है। सूखे पत्तों और कचरे में आग लगने से धुआं फैल रहा है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और स्कूली छात्रों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। ग्रीन बेल्ट में भी आग लगने से दृश्यता प्रभावित हुई। प्रशासन दोषियों पर जुर्माने की कार्रवाई कर रहा है।

breathing suffocated in greater noida due to garbage burning air quality deteriorated questions on administrations action
ग्रेनो में पार्कों और डंपिंग यार्ड में कूड़ा जलाने का सिलसिला थम नहीं रहा है। पतझड़ के सूखे पत्तों और कचरे में आग लगने से पूरे इलाके में धुआं फैल रहा है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और स्कूली छात्रों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। सेक्टर ऐच्छर के पास ग्रीन बेल्ट में भी आग लगने से दृश्यता प्रभावित हुई। फायर विभाग का कहना है कि शिकायत पर आग बुझाई गई, लेकिन लोग स्थायी समाधान और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रेनो प्राधिकरण के सहायक प्रबंधक गौरव बघेल ने बताया कि आग लगाने वालों की पहचान कर जुर्माना लगाया जा रहा है।

ग्रेनो के पार्कों और सेक्टर ओमिक्रोन-1ए स्थित डंपिंग यार्ड में कूड़ा जलाने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। पतझड़ के मौसम में पार्कों में गिरे सूखे पत्ते और डंपिंग यार्ड में जमा कचरे में रोज आग लगा दी जाती है। इस आग से निकलने वाला धुआं पूरे इलाके में फैल जाता है।
इस धुएं के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और स्कूल जाने वाले छात्रों को हो रही है। उन्हें सांस लेने में काफी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार सुबह सेक्टर ऐच्छर के पास ग्रीन बेल्ट में भी सूखे पत्तों में आग लगा दी गई थी। इस आग की वजह से आसपास का माहौल इतना धुंधला हो गया था कि कुछ भी देखना मुश्किल हो गया था।

हालांकि, फायर विभाग का कहना है कि जैसे ही उन्हें ऐसी किसी घटना की सूचना मिलती है, वे तुरंत दमकल भेजकर आग बुझा देते हैं। लेकिन स्थानीय लोग इस समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं। वे यह भी मांग कर रहे हैं कि आग लगाने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

ग्रेनो प्राधिकरण के सहायक प्रबंधक गौरव बघेल ने इस मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि कूड़े और पत्तों में आग लगाने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों को चिन्हित करके उन पर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण इस समस्या को लेकर गंभीर है और इसे रोकने के लिए कदम उठा रहा है।