ईवी को कैसे मिले बढ़ावा, जब चार्जिंग पॉइंट को नहीं मिल रही एनओसी

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद के सेक्टर-88 में आरपीएस सवाना सोसायटी में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट लगाने का काम फायर विभाग से एनओसी न मिलने के कारण रुका हुआ है। निवासियों की मांग पर बेसमेंट पार्किंग में चार्जिंग सॉकेट लगाने की पहल शुरू हुई थी। सोसायटी में पहले से ही चार्जिंग स्टेशन है, लेकिन अब निवासी बेसमेंट में भी सुविधा चाहते हैं।

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फरीदाबाद के सेक्टर-88 स्थित आरपीएस सवाना सोसायटी में बेसमेंट पार्किंग में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग सॉकेट लगाने का काम फायर विभाग से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) न मिलने के कारण अटक गया है। निवासियों की सुविधा के लिए सवाना वेलफेयर असोसिएशन (एसडब्ल्यूए) ने यह पहल शुरू की थी, लेकिन अनुमति के अभाव में काम रोकना पड़ा है। इस हाई-राइज सोसायटी में पहले से ही 50 से अधिक चार पहिया ईवी हैं और इनकी संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

एसडब्ल्यूए ने पहले से ही सोसायटी के कॉमन एरिया में एक निजी कंपनी के साथ मिलकर चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था की हुई है। इस स्टेशन पर एक साथ छह वाहन चार्ज किए जा सकते हैं और करीब छह घंटे में पांच से छह गाड़ियां चार्ज हो जाती हैं। हालांकि, अब निवासी बेसमेंट पार्किंग एरिया में ही अपने वाहन चार्ज करने की सुविधा चाहते हैं। इसी मांग को पूरा करने के लिए एसडब्ल्यूए ने बेसमेंट पार्किंग में ईवी चार्जिंग सॉकेट लगाने का काम शुरू किया था।
एसडब्ल्यूए के प्रधान आकाशदीप पटेल ने बताया कि निवासियों की मांग पर ही बेसमेंट पार्किंग एरिया में ईवी चार्जिंग सॉकेट लगाने का काम शुरू किया गया था। इसका मकसद सोसायटी के निवासियों को अपने वाहन चार्ज करने में आसानी पहुंचाना था। लेकिन, फायर विभाग से जरूरी एनओसी नहीं मिलने के कारण यह काम फिलहाल अधूरा पड़ा है।

इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग सॉकेट एक तरह का प्लग पॉइंट होता है, जहां इलेक्ट्रिक कार को चार्ज किया जाता है। यह सॉकेट बिजली से चलता है और कार की बैटरी को चार्ज करता है। बेसमेंट पार्किंग में चार्जिंग की सुविधा होने से निवासियों को अपनी कार चार्ज करने के लिए सोसायटी के बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अधिक सुविधा मिलेगी। सोसायटी में ईवी की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह सुविधा बहुत महत्वपूर्ण है।