Gaur Chowk Underpass Public Receiving New Deadlines Questions Raised On Slow Pace Of Development
जाम से परेशान लोग कह रहे हर बार मिल रही नई तारीख
नवभारत टाइम्स•
ग्रेनो वेस्ट के गौड़ चौक पर बन रहा अंडरपास समय पर पूरा नहीं हो रहा। लाखों लोग भीषण जाम से जूझ रहे हैं। परियोजना में बार-बार देरी हो रही है। पहले जनवरी 2026 की डेडलाइन थी, फिर सितंबर 2025 में 6 महीने का आश्वासन मिला। अब जून 2026 की नई तारीख दी गई है।
ग्रेनो वेस्ट की लाइफलाइन माने जाने वाले गौड़ चौक (चार मूर्ति चौराहा) का अंडरपास प्रोजेक्ट विकास की धीमी रफ्तार और प्रशासनिक अनदेखी का शिकार हो गया है। करीब 92 करोड़ रुपये की इस परियोजना को पूरा होने में लगातार देरी हो रही है, जिससे लाखों लोगों को भीषण जाम से जूझना पड़ रहा है। मूल रूप से दिसंबर 2023 में घोषित इस प्रोजेक्ट को 18 महीनों में पूरा करने का दावा किया गया था, लेकिन अब जून 2026 तक भी इसके पूरा होने की उम्मीद कम है।
यह अंडरपास ग्रेनो वेस्ट की सबसे बड़ी समस्या, यानी भीषण जाम का स्थायी समाधान माना जा रहा था। लेकिन यह खुद ही देरी का शिकार हो गया है। इस प्रोजेक्ट की धीमी गति ने यहां रहने वाले लाखों लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों कागजों पर बनी योजनाएं जमीन पर उतरते ही हांफने लगती हैं और जनता को तारीख पर तारीख मिलती रहती है।इस परियोजना की घोषणा दिसंबर 2023 में बड़े धूमधाम से की गई थी। तब प्राधिकरण के अधिकारियों ने दावा किया था कि निर्माण शुरू होने के सिर्फ 18 महीनों के अंदर यह अंडरपास जनता को सौंप दिया जाएगा। जुलाई 2024 में जब मशीनों ने जमीन खोदना शुरू किया, तो लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब घंटों के जाम से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा।
जनवरी 2026 की जो पहली और आखिरी डेडलाइन तय की गई थी, वह बीत चुकी है। लेकिन जमीनी हकीकत निराशाजनक है। सितंबर 2025 में प्राधिकरण ने फिर आश्वासन दिया कि अगले 6 महीनों में काम खत्म कर लिया जाएगा। लेकिन मार्च 2026 तक भी यह प्रोजेक्ट सिर्फ 65 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। अब जनता को जून 2026 की एक नई संभावित तारीख दी गई है।
यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक अंडरपास का निर्माण नहीं है, बल्कि यह लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाने की उम्मीद है। लेकिन लगातार हो रही देरी से लोगों का धैर्य जवाब दे रहा है। प्राधिकरण को चाहिए कि वह इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दे और इसे जल्द से जल्द पूरा करे। जनता को अब और इंतजार नहीं करना चाहिए।
गौड़ चौक पर जाम की समस्या इतनी गंभीर है कि लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों लग जाते हैं। इस अंडरपास के बनने से यातायात का दबाव कम होने और आवागमन सुगम होने की उम्मीद थी। लेकिन प्रोजेक्ट की धीमी गति के कारण यह उम्मीद अभी अधूरी है। प्राधिकरण को इस मामले में गंभीरता से काम करना चाहिए और जनता को राहत देनी चाहिए।