तीन साल की बच्ची के यौन शोषण में दो मेड सहित तीन आरोपी गिरफ्तार

नवभारत टाइम्स

सेक्टर-53 में तीन साल की बच्ची के यौन शोषण के मामले में पुलिस ने दो महिला मेड और एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह घटना दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच हुई थी। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और आनन-फानन में गिरफ्तारियां की गईं। बच्ची ने मैजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया है।

3 year old girl sexually abused three accused including two maids arrested police active after supreme court intervention
गुड़गांव में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने दो महिला मेड और एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद हुई, जब मामला लंबे समय से दर्ज होने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई धीमी थी। गिरफ्तार मेड संगीता एटा की रहने वाली है, जबकि दूसरी मेड पकीला पश्चिम बंगाल के नदिया की है। गिरफ्तार युवक की पहचान अभी गुप्त रखी गई है। सभी आरोपियों की उम्र 30 से 32 साल के बीच बताई जा रही है।

यह मामला 4 फरवरी को तब सामने आया जब एक व्यक्ति ने सेक्टर-53 थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनकी सोसायटी की दो मेड और एक व्यक्ति ने उनकी तीन वर्षीय बेटी का दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच यौन शोषण किया। पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर लिया था। हालांकि, गिरफ्तारी में देरी के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। बच्ची ने मैजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज करा दिया है, और इस मामले में सोमवार को सुनवाई होनी है।
पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता ने घटना की सही तारीख और समय नहीं बताया था, जिससे शुरुआती जांच में कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिल पाए थे। पुलिस ने आरोपियों के कॉल डिटेल्स खंगाले, संबंधित इलाके के सीसीटीवी फुटेज जुटाए और उनके फोन का तकनीकी विश्लेषण भी करवाया। इन सब जांचों के बाद ही पुलिस ने आनन-फानन में शनिवार को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। रविवार को सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

यह घटना समाज को झकझोर देने वाली है, जहां मासूम बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। पुलिस की धीमी कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद मामला गति पकड़ा है। बच्ची के बयान और जुटाए गए सबूतों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। यह मामला उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है जो मासूमों के साथ खिलवाड़ करने की सोचते हैं। न्याय की उम्मीद है कि इन दरिंदों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।