Nuh Bloody Clash Between Two Groups Over Information Of Prohibited Animal Slaughter Sticks And Stone Pelting
प्रतिबंधित पशु को मारने की सूचना पर दो पक्षों में पथराव
नवभारत टाइम्स•
नूंह के लाहबास गांव में प्रतिबंधित पशु को मारने की सूचना पर दो पक्षों में हिंसक झड़प हुई। जुमे की नमाज के बाद लाठी-डंडे चले और छतों से पथराव हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। पीड़ित पक्ष ने जांच की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नूंह के पिनगवां थाना क्षेत्र के गांव लाहबास में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। यह विवाद प्रतिबंधित पशु को मारने की सूचना पर शुरू हुआ, जिसमें लाठी-डंडे चले और पथराव भी हुआ। वारदात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
लाहबास के खालिद ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ लोग प्रतिबंधित पशु का मांस काट रहे हैं। जब वे मौके पर पहुंचे और आरोपियों को रोकने की कोशिश की, तो विवाद शुरू हो गया। खालिद का आरोप है कि एक युवक ने उन पर चाकू फेंका और दूसरे आरोपी ने डंडे से हमला कर उनकी उंगली तोड़ दी। बचाव करने आए परिवार के अन्य सदस्यों को भी चोटें आईं।विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। हालात इतने बिगड़ गए कि लाठी-डंडों के साथ-साथ छतों से भी पथराव शुरू हो गया। सूचना मिलते ही पिनगवां थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया।
पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक से गांव के पोखर में प्रतिबंधित पशु के अवशेष फेंके जाने के मामले की जांच की मांग की है। खालिद का यह भी आरोप है कि उन्होंने रात करीब 9 बजे ही थाने में शिकायत दर्ज करा दी थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं, पिनगवां थाना प्रभारी निखिल ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर माहौल को शांत करा दिया है। पुलिस के अनुसार, घटना में कुछ लोगों को चोटें आई हैं, लेकिन किसी के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने गांव में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। लोग इस बात से चिंतित हैं कि इस तरह की घटनाएं समाज में अशांति फैला सकती हैं। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो से घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है, जिसमें लोग एक-दूसरे पर हमला करते दिख रहे हैं। पुलिस इस वीडियो की भी जांच कर रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। यह घटना कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब पीड़ित पक्ष का कहना है कि शिकायत के बावजूद तुरंत कार्रवाई नहीं हुई।