ज़िला अस्पताल में एक घंटे का इंतजार, एक मिनट में परामर्श

नवभारत टाइम्स

नोएडा के जिला अस्पताल में मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। ओपीडी में रोजाना हजारों मरीज आते हैं। पर्ची बनवाने से लेकर दवा काउंटर तक लंबी कतारें लगती हैं। मरीजों को घंटों इंतजार के बाद केवल एक मिनट का परामर्श मिल पाता है। कई बार निर्धारित दवाएं भी उपलब्ध नहीं होतीं। यह स्थिति मरीजों को असंतुष्ट कर रही है।

district hospital chaos one minute consultation after hours of waiting medicines also unavailable
नोएडा जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ और डॉक्टरों की कमी के चलते अफरातफरी का माहौल है। राम खिलाड़ी जैसे बुजुर्ग मरीजों को घंटों लाइन में लगने के बाद भी डॉक्टर से सिर्फ एक मिनट का परामर्श मिल पा रहा है, जिसमें उनकी पूरी बात सुने बिना ही दवा लिख दी जा रही है। रोजाना करीब 4 हजार से ज्यादा मरीज अस्पताल आते हैं, जहां पर्ची से लेकर दवा काउंटर तक लंबी कतारें लगती हैं। कई बार तो घंटों इंतजार के बाद भी मरीजों को दवाएं नहीं मिल पातीं क्योंकि वे उपलब्ध नहीं होतीं। इस 'एक्सप्रेस परामर्श' से मरीज असंतुष्ट और परेशान हैं। सीएमएस डॉ. अजय राणा का कहना है कि मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण डॉक्टरों को सीमित समय मिल पा रहा है, लेकिन वे बेहतर इलाज देने की कोशिश कर रहे हैं।

नोएडा जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों का तांता लगा हुआ है। यहां हर दिन 4 हजार से भी ज्यादा लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। लेकिन डॉक्टरों की संख्या कम होने की वजह से मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। लंबी-लंबी कतारों में घंटों खड़े रहने के बाद भी जब मरीज डॉक्टर तक पहुंचते हैं, तो उन्हें सिर्फ एक मिनट का समय मिल पाता है।
राम खिलाड़ी जैसे कई बुजुर्ग मरीजों ने बताया कि वे सवा घंटे लाइन में लगे रहे। डॉक्टर ने उनकी बीमारी की पूरी बात भी नहीं सुनी और तुरंत दवा लिख दी। इसके बाद अगले मरीज को बुला लिया गया। यह हाल ओपीडी में आने वाले ज्यादातर मरीजों का है।

अस्पताल में पर्ची बनवाने से लेकर दवा काउंटर तक हर जगह लंबी लाइनें लगी रहती हैं। कई मरीजों ने तो यह भी शिकायत की कि दवा काउंटर पर घंटों इंतजार करने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जो दवाएं डॉक्टर लिखते हैं, वे अक्सर अस्पताल में उपलब्ध ही नहीं होतीं। इस तरह के 'एक्सप्रेस परामर्श' से मरीज बेहद नाखुश और परेशान हैं।

जब इस बारे में अस्पताल के सीएमएस डॉ. अजय राणा से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से डॉक्टरों को हर मरीज को सीमित समय ही मिल पा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वे मरीजों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।