युद्ध की आग आपके पोर्टफोलियो को जला रही है?

नवभारत टाइम्स

अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष से शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है। रिटेल निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ऐसे में घबराहट में फैसले लेने से बचें। जानकारों का मानना है कि संतुलित रणनीति अपनाकर जोखिम कम किया जा सकता है।

how to save your portfolio from the fire of war stock market plummets investors worried
मुंबई: अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों का असर भारतीय शेयर बाज़ार पर भी दिख रहा है। रिटेल निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में लगातार गिरावट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं। निफ्टी अपने हालिया शिखर से काफी नीचे आ गया है और बाज़ार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ऐसे में, घबराहट में फैसले लेने के बजाय एक संतुलित रणनीति अपनाना ज़रूरी है ताकि जोखिम कम हो और लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिल सके।

भू-राजनीतिक तनावों के कारण भारतीय इक्विटीज़ में उम्मीद से कहीं ज़्यादा गिरावट आई है। निफ्टी अपने हाल के शिखर 26,350 के करीब से काफी नीचे गिर गया है। बाज़ार में वोलैटिलिटी यानी उतार-चढ़ाव जारी है। कभी बाज़ार वैल्यू बाइंग के बूते एक दिन में एक हजार अंक से ज़्यादा चढ़ जाता है, तो दूसरे दिन इतना गिर जाता है कि निवेशक टूट जाते हैं।
इस वॉर इंपेक्ट पैटर्न को देखते हुए निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि वे अपने पोर्टफोलियो को कैसे सुरक्षित रखें और नुकसान से कैसे बचें। जानकारों का मानना है कि घबराहट में फैसले लेने की बजाय संतुलित रणनीति अपनाना जरूरी है। इससे जोखिम कम किया जा सकता है और लंबे समय में बेहतर रिटर्न की संभावना बनी रह सकती है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटिजिस्ट वी के विजयकुमार ने इस स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रेंट क्रूड के 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच जाने से ग्लोबल अर्थव्यवस्थाओं और बाज़ारों को बड़ा झटका लगा है। यह स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।