खेती पर अल-निनो का होगा असर? केंद्र बोला- तैयार हैं

नवभारत टाइम्स

अल निनो और पश्चिम एशिया संकट से खेती पर असर की आशंका है। सरकार किसानों को मदद देने की तैयारी कर रही है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मौसम विभाग के अंतिम अनुमान का इंतजार है। वैकल्पिक फसलों और बीजों की व्यवस्था की जा रही है। आपात योजना भी तैयार की जा रही है।

al ninos impact on agriculture central government says we are ready farmers will get full support

पश्चिम एशिया संकट और अल-निनो प्रभाव के चलते खेती-बाड़ी को झटका लग सकने और महंगाई बढ़ने के जोखिम को देखते हुए कृषि मंत्रालय किसानों को सपोर्ट देने की तैयारी में जुट गया है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि अभी मौसम विभाग का अंतिम अनुमान नहीं आया है, लेकिन अल निनो से फसलों पर कोई बुरा असर न पड़े, इसको लेकर पूरी तैयारी की जा रही है।

चौहान ने यहां दो दिवसीय राष्ट्रीय खरीफ सम्मेलन के दौरान कहा, 'अल निनो से घबरने की जरूरत नहीं है। मौसम विभाग से कोई अंतिम अनुमान नहीं आया है, फिलहाल केवल अटकलें हैं।' चौहान ने कहा, 'हालांकि हम यह देख रहे हैं कि जिन जिलों में ज्यादा प्रभाव पड़ सकता है, उनमें कौन सी वैकल्पिक फसलें हो सकती हैं। उन फसलों के मुताबिक बीजों की व्यवस्था की जाएगी। अगर तापमान ज्यादा बढ़ता है और बीच में बारिश में लंबा गैप आता है, तो इसको लेकर आपात योजना भी तैयार कर रहे हैं।' चौहान ने कहा, 'जैसी परिस्थिति होगी और जिस राज्य को जैसी आवश्यकता होगी, उसी के अनुसार काम करेंगे।'

खरीफ सीजन के लिए बुआई जून के दूसरे हफ्ते से शुरू होने लगती है। मौसम विभाग ने 13 अप्रैल को अपने पहले अनुमान में कहा था कि इस साल मॉनसूनी बारिश सामान्य से कम रह सकती है और यह लॉन्ग पीरियड ऐवरेज के 92% करीब रह सकती है।