नहीं लगे अपग्रेडेड जनरेटर, कैसे कंट्रोल होगा प्रदूषण ?

नवभारतटाइम्स.कॉम•
how is pollution control possible without upgraded generators industries concerns rise
n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव

कमिशन ऑफ एयर क्वॉलिटी मैनेजेंट (CAQM) की ओर से दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया गया है। इसके अंतर्गत इंडस्ट्री सहित अन्य सेक्टरों पर कुछ प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। इंडस्ट्री में अब केवल पर्यावरण अनुकूल ईंधन का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसका उल्लंघन करने वाली इंडस्ट्रियल यूनिट्स पर क्लोजर (बंद करने) जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
जिले में करीब 18 हजार इंडस्ट्रियल यूनिट्स हैं, इनमें से 70 फीसदी के पास केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ओर से अनिवार्य किए गए IV+ नॉर्म्स और रेट्रोफिटेड इमिशन कंट्रोल डिवाइस (RECD) वाले जनरेटर का ही संचालन किया जा सकता है। इससे इंडस्ट्री की समस्या बढ़ गई है। उद्यमियों का कहना है कि इस प्रतिबंध से बिजली कटौती होने पर प्रतिबंधित जनरेटर का संचालन नहीं हो सकेगा। इससे उत्पादन प्रभावित होगा। नए जेनरेटर CPCB-IV+ मानक के होने चाहिए, जबकि पुराने जेनरेटरों में रेट्रोफिटेड इमिशन कंट्रोल डिवाइस जरूरी है।

जेनरेटरों को लेकर उद्योगों की चिंता बढ़ी : गुड़गांव में ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और दूसरी औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ी बड़ी संख्या में यूनिट्स हैं। इनमें बिजली कटौती होने पर जेनरेटर का इस्तेमाल किया जाता है। बिजली जाने पर मशीनें बंद होने से उत्पादन प्रभावित होता है। अब प्रदूषण नियंत्रण के मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले जेनरेटरों को लेकर उद्योगों की चिंता बढ़ सकती है। खासकर उन यूनिट्स के लिए चुनौती ज्यादा है, जिन्होंने अब तक पुराने जेनरेटरों को अपग्रेड नहीं किया है। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन दीपक मैनी का कहना है कि इंडस्ट्रियल एरिया में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति होनी चाहिए। जिससे ग्रैप में जनरेटर चलाने की जरूरत न हो।

इंडस्ट्री के समक्ष दोहरी चुनौती: एक तरफ उद्योगों को उत्पादन जारी रखने के लिए बिजली की जरूरत है, वहीं दूसरी तरफ प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन करना भी जरूरी है। जिन यूनिट्स के पास निर्धारित मानकों के अनुरूप जेनरेटर या जरूरी इमिशन कंट्रोल डिवाइस नहीं हैं, उन्हें बिजली कटौती के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

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