सुधार का माध्यम बनें आंदोलन

नवभारतटाइम्स.कॉम•
movement medium of reform or violation of law
21 अक्टूबर का संपादकीय ‘ आंदोलन की जरूरत’ पढ़ा। मोहन भागवत ने आंदोलनों के दौरान संयम और कानून के सम्मान पर जोर दिया है। यह जरूरी है, लेकिन शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा भी है। महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना गलत नहीं। आंदोलन व्यवस्था में सुधार का माध्यम बनें।

राजेश श्रीवास्तव, ईमेल से

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