भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन ने जनसंघ के 75वें स्थापना दिवस पर देश को विश्वगुरु बनाने का लिया संकल्प
भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन ने जनसंघ के 75वें स्थापना दिवस पर देश को विश्वगुरु बनाने का लिया संकल्प
NewsPoint•
नई दिल्ली में 21 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने जनसंघ के 75वें स्थापना दिवस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे नेताओं द्वारा ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘अंत्योदय’ के सिद्धांतों के साथ रोपा गया जनसंघ का बीज अब विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुका है। नवीन ने नई पीढ़ी से आगे बढ़कर काम करने का आह्वान किया, ताकि देश को विश्वगुरु बनाया जा सके।
नितिन नवीन ने कहा, "आज की पीढ़ी को पूर्वजों के निस्वार्थ संघर्षों से प्रेरणा लेनी चाहिए और पीएम मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करना चाहिए।" उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं का भी जिक्र किया और उनकी उपस्थिति को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, वरिष्ठ पुरोधाओं ने जो सपना देखा, वह साकार करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।भाजपा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में बताया कि कैसे 75 वर्ष पहले जब पार्टी की स्थापना हुई, तो न तो कार्यालय थे, न संसाधन और न ही आवागमन के साधन। फिर भी, कार्यकर्ताओं का संकल्प दृढ़ था। उन्होंने कहा, "उस दौर में जब संसाधनों की कमी थी, उन्हें केवल संगठन के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की चिंता थी।" आज की पीढ़ी को भी उसी संकल्प और दृढ़ता से आगे बढ़ना चाहिए, ताकि भारत को विश्वगुरु बनाया जा सके।
नितिन नवीन ने यह भी बताया कि किस तरह पार्टी ने हर स्तर पर राष्ट्रहित के पक्ष में आवाज उठाई। चाहे गोवा का मामला हो या पश्चिम बंगाल का, जनसंघ ने हमेशा देश की एकता और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विचार को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा, "डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मंत्री पद से इस्तीफा देकर यह संदेश दिया कि भारत की स्वतंत्रता के मूल उद्देश्यों की पूर्ति के लिए वे संघर्ष करने को तैयार हैं।"
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगे कहा कि आज कई सारी योजनाएं हैं जो सीधे गरीबों के घरों तक पहुंच रही हैं। पहले योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाता था, लेकिन आज की सरकार ने जनधन जैसी योजनाओं के फल से गरीबों के खाते में पैसे जरूर पहुंचा दिए हैं। उन्होंने कहा, "जब गरीब के जीवन में खुशहाली आती है तो वह उसकी मुस्कान में दिखाई देती है।"
नितिन नवीन ने 75 वर्षों की यात्रा को याद करते हुए यह भी कहा कि एक समय था जब वरिष्ठ नेता विभिन्न राज्यों में संगठन के विस्तार के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे। आज भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और इसे स्थापित करने में कई वरिष्ठ नेताओं का योगदान है। उन्होंने कहा, "बदलती परिस्थितियों में केवल पार्टी का ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक जड़ों का भी प्रसार करना होगा।"
आधुनिक समय में कई लोकतंत्रों को चुनौती दी जा रही है लेकिन नितिन नवीन को पूरा विश्वास है कि जनसंघ के विचार और संस्कार देश के 140 करोड़ नागरिकों को प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को आह्वान किया कि वे अपने इतिहास और पूर्वजों के संघर्ष से सीखें और इसी भावना के साथ आगे बढ़ें।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, "हम सब आज संकल्प लेते हैं कि अपने वरिष्ठों के विचारों, संघर्षों और सपनों के अनुरूप भाजपा को मजबूत बनाएंगे।" उन्होंने अंत में कहा कि भाजपा अपने वरिष्ठों के आदर्शों और उनके संघर्षों का मूल्य अवश्य चुकाएगी।
इस प्रकार, नितिन नवीन का यह संबोधन केवल एक राजनीतिक सभा नहीं थी, बल्कि यह सभी कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बन गया। उन्होंने एकजुट होकर राष्ट्रहित में कार्य करने का संदेश दिया।
भाजपा के इस समारोह ने न सिर्फ पार्टी के इतिहास को रेखांकित किया, बल्कि यह भी बताया कि किस प्रकार भारतीय जनसंघ के मूल्य आज भी प्रासंगिक हैं। इस अवसर पर उपस्थित सभी नेताओं ने भी इस बात की पुष्टि की कि संगठन की स्थापना के पीछे किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं थी।
इस प्रकार, भारतीय राजनीति में एक नया संदेश दिया गया है कि हमें अपनी जड़ों को समझते हुए और अपने पूर्वजों के संघर्षों से प्रेरित होकर आगे बढ़ना चाहिए। भाजपा का यह पहलू उसे हमेशा प्रासंगिक बनाए रखने में मदद करेगा।
राष्ट्र को मजबूत और सक्षम बनाने के लिए भाजपा का पूर्वजों के विचारों, संघर्षों और आदर्शों के साथ आगे बढ़ता रहना आवश्यक है। यही नहीं, यह समर्पण और संघर्ष का अनुकरण करते हुए न केवल पार्टी को सशक्त बनाएगा, बल्कि देश को भी एकใหม่ दिशा में ले जाएगा।
इस प्रकार, नितिन नवीन ने अपने भाषण के माध्यम से भाजपा के कार्यकर्ताओं को एक सकारात्मक दिशा दिखाकर उन्हें आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया। उन्हें उम्मीद है कि संगठन के इस विस्तार और विचारों के प्रसार के साथ, भाजपा एक सशक्त भारत का निर्माण कर सकेगी।