छौनी डाल लेना

नवभारतटाइम्स.कॉम
chhauni symbol of shelter and protection in rural life
‘छौनी’ शब्द का अर्थ है छप्पर या किसी संरचना का ऊपरी हिस्सा जिसे धूप, बारिश और हवा से बचने के लिए ढका जाता है। कुछ ग्रामीण इलाकों में इसके लिए ‘छौनी-छप्पर’ का भी प्रयोग होता है। खेती-किसानी में ‘छौनी’ का एक और दिलचस्प रूप दिखाई देता है। फसलों को तोते और दूसरी चिड़ियों से बचाने के लिए किसान खेत के बीच मचान बनाते हैं। मचान के ऊपर घास-फूस, पत्तों से गोलाकार अथवा चौकोर छप्पर बनाया जाता है। इस ढके हुए हिस्से को भी ‘छौनी’ कहा जाता है। किसान इसके नीचे बैठकर खेत की रखवाली करता और पक्षियों को भगाता है। कहीं-कहीं ऐसे स्थायी मचान भी बनाए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल परिजनों के साथ बैठने या आराम करने के लिए होता है। ‘छौनी’ शब्द की उत्पत्ति के बारे में ठोस प्रमाण कम मिलते हैं। हालांकि छोनी, छावनी और छादन जैसे शब्दों से इसका संबंध माना जा सकता है, जिनमें ढकने और आश्रय देने का अर्थ छिपा है। भोजपुरी, मैथिली क्षेत्रों में इसके स्थानीय रूप भी मिलते हैं- कहीं चाल तो कहीं छप्पर। इस तरह ‘छौनी’ केवल एक शब्द नहीं, ग्रामीण जीवन की जीवंत स्मृति है।

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