Unique Protest By A Person Troubled By Dogs And Mosquitoes Dogs Released On Nagar Panchayat Officers Table Mosquito Delegation Sent
मच्छर जा जा जा
नवभारतटाइम्स.कॉम•
किसी शायर ने कहा है, 'मुकदमा खत्म कर आया हूं अपनी ही अदालत में, खुद अपने दुश्मन को अपना वकील बनाया है।' इन्हीं पंक्तियों से प्रेरित होकर महाराष्ट्र में कुत्तों से परेशान होकर एक शख्स ने बोरे में कुत्ते भरकर नगर पंचायत अधिकारी की टेबल पर खोल दिए। इसके बाद क्या समस्या है, इसके बारे में अधिकारी को बताने की जरूरत नहीं पड़ी। इससे पहले यूपी में एक शख्स तहसील कार्यालय में सांपों से भरी एक बोरी फेंक आया था।
इंजीनियर साहब ने इसे मानव-जानवर संघर्ष का नया चरण बताया। बोले, 'देखिए, आदमी और जानवरों का संघर्ष पुराना है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब जानवर जनता के संघर्ष में भी भाग लेने लगे हैं। जनता शिकायत करती है तो फाइल चलती है, कुत्ता पहुंचता है तो अधिकारी दौड़ते हैं।' इतना कहकर वह एक बड़ा-सा पारदर्शी प्लास्टिक का जार लेकर निकल पड़े। अंदर दर्जनों मच्छर भिनभिना रहे थे। बोले, 'नगर निगम जा रहा हूं। इनका प्रतिनिधिमंडल है। जनता डेंगू और मच्छरों की शिकायत कर-करके थक गई। अब सोचा, जिनसे शिकायत है, उन्हीं को भेज देते हैं।' मैंने पूछा, 'लेकिन, मच्छर शिकायत कैसे करेंगे?' इंजीनियर साहब बोले, 'आप लोकतंत्र को कम मत समझिए। इनके पास अपनी भाषा है। भिनभिनाहट को ज्ञापन मान लिया जाएगा।' उनका कहना था कि अब हर समस्या के लिए संबंधित जीव को प्रतिनिधि बनाया जा सकता है। बंदर अतिक्रमण की शिकायत करेंगे, सांप नाले और झाड़ियों का मुद्दा उठाएंगे और कुत्ते आवारा कुत्तों की समस्या पर ज्ञापन देंगे।'और अगर कोई अधिकारी फिर भी बात न सुने?' मैंने पूछा। इंजीनियर साहब मुस्कुराए, 'तब जनता को खुद जाने की जरूरत नहीं। जानवरों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।' मैंने जार की तरफ देखा, मच्छरों की भिनभिनाहट तेज हो चुकी थी।