फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की जयंती पर नेताओं ने किया नमन, 1971 युद्ध के वीर को श्रद्धांजलि
फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की जयंती पर नेताओं ने किया नमन, 1971 युद्ध के वीर को श्रद्धांजलि
NewsPoint•
नई दिल्ली, 17 जुलाई। 1971 के भारत-पाक युद्ध के वीर सपूत, परमवीर चक्र विजेता फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों को उनकी जयंती पर देश के प्रमुख नेताओं ने याद किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और शिवराज सिंह चौहान, तथा बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड और पंजाब के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इन सभी नेताओं ने सेखों के अदम्य साहस, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि फ्लाइंग ऑफिसर सेखों की वीरता की गाथा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, साहस और कर्तव्यपरायणता के लिए हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के अद्वितीय वीर, भारतीय वायु सेना के शौर्य, साहस और सर्वोच्च बलिदान के प्रतीक, परमवीर चक्र से अलंकृत फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। मात्र 26 वर्ष की आयु में उन्होंने शत्रु के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों का निर्भीकता से सामना किया और अंतिम क्षण तक लड़ते हुए मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। राष्ट्र के प्रति उनका अटूट समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा, साहस और कर्तव्यपरायणता की प्रेरणा देता रहेगा।”केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी एक्स पर अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा, “1971 के युद्ध में Pakistan के फाइटर प्लेन को ध्वस्त कर मां भारती की विजय का मार्ग प्रशस्त करने वाले परमवीर चक्र विजेता, फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की जयंती पर सादर नमन अर्पित करता हूँ! राष्ट्र गौरव व स्वाभिमान के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर देने वाले वीर सपूत की गौरव गाथा सदैव देश को गौरवान्वित करती रहेगी।”
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी फ्लाइंग ऑफिसर सेखों को याद किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “1971 के युद्ध में Pakistan के फाइटर प्लेन को ध्वस्त कर India की विजय का मार्ग प्रशस्त करने वाले परमवीर चक्र से सम्मानित, फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूं! आपके शौर्य, साहस व पराक्रम की गौरव गाथा सदैव युवाओं को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।”
विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी फ्लाइंग ऑफिसर सेखों के बलिदान को याद किया। बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, “अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और सर्वोच्च राष्ट्रभक्ति के प्रतीक, परमवीर चक्र से सम्मानित वीर योद्धा फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। मातृभूमि की रक्षा हेतु उनका अद्वितीय बलिदान और शौर्य सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा एवं कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।”
राजस्थान के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट किया, “परमवीर चक्र से सम्मानित, 1971 के भारत-पाक युद्ध के अमर वीर फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन! मातृभूमि की रक्षा के लिए उनका अदम्य शौर्य, अटूट राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतवासी के लिए प्रेरणास्रोत है।”
उत्तराखंड के Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने भी फ्लाइंग ऑफिसर सेखों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “1971 के भारत-पाक युद्ध में अदम्य शौर्य एवं साहस के परिचायक अमर बलिदानी परमवीर चक्र से अलंकृत फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की जयंती पर कोटिशः नमन। राष्ट्र के प्रति आपका अतुलनीय समर्पण, अद्वितीय वीरता और सर्वोच्च बलिदान की प्रेरक गाथा सदैव हमें राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देती रहेगी।”
पंजाब के Chief Minister भगवंत मान ने भी फ्लाइंग ऑफिसर सेखों को याद करते हुए एक्स पर लिखा, “देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले अद्वितीय योद्धा और परमवीर चक्र से सम्मानित फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों की जयंती पर उन्हें हमारा कोटि-कोटि प्रणाम।”
फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों भारतीय वायु सेना के एक ऐसे वीर थे जिन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में असाधारण वीरता का परिचय दिया। मात्र 26 साल की उम्र में, उन्होंने दुश्मन के आधुनिक लड़ाकू विमानों का डटकर सामना किया। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर भी दुश्मन को पीछे धकेलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी इस बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान, परमवीर चक्र से नवाजा गया। सेखों का यह बलिदान आज भी भारतीय सेना के जवानों और देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी जयंती पर उन्हें याद करना देश के प्रति उनके अमूल्य योगदान को सलाम करना है।