बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज: हंसिका लांबा ने जीता सिल्वर, भारत के कुल 5 मेडल

NewsPoint
5
बुडापेस्ट, 17 जुलाई: भारत ने बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज में कुश्ती में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल पांच पदक जीते हैं। महिलाओं के 55 किलोग्राम फ्रीस्टाइल में हंसिका लांबा ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि पुरुषों के 125 किलोग्राम भार वर्ग में रजत रुहल ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इससे पहले, अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता, वहीं दीपक (पुरुषों के 61 किग्रा) और विशाल कालीरमाना (पुरुषों के 65 किग्रा) ने ब्रॉन्ज मेडल जीते।

बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज में भारतीय पहलवानों का जलवा देखने को मिला। महिलाओं के 55 किलोग्राम फ्रीस्टाइल इवेंट में भारत की हंसिका लांबा ने सिल्वर मेडल जीता। हालांकि, वह गोल्ड मेडल जीतने से चूक गईं और फाइनल में उन्हें यूक्रेन की नतालिया क्लीवचुत्स्का से हार का सामना करना पड़ा। 19 साल की हंसिका को क्लीवचुत्स्का के खिलाफ 0-5 से हार मिली। हंसिका ने क्वार्टर फाइनल में तुर्की की तुबा डेमिर को 8-4 से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद सेमीफाइनल में जर्मनी की अनास्तासिया ब्लेवास के खिलाफ उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 10-7 से जीत दर्ज की। 2-7 से पिछड़ने के बाद, लांबा ने चार बार टेकडाउन करके जीत हासिल की और फाइनल में जगह बनाई। इस साल हंसिका शानदार फॉर्म में हैं और उन्होंने अपने दो अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों, एशियन चैंपियनशिप और उलानबटार ओपन में ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।
महिलाओं के 50 किलोग्राम वर्ग में प्रियांशी प्रजापत को रेपचेज के जरिए ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में इक्वाडोर की जैकलीन मोलोकाना से 4-2 से हार का सामना करना पड़ा। प्रियांशी ने 50 किलोग्राम भार वर्ग में अपने अभियान की शुरुआत शानदार जीत के साथ की थी। उन्होंने पैन-अमेरिकन चैंपियन अमेरिका की केटी गोमेज को ‘फॉल’ के जरिए हराया था। मुकाबले में गोमेज ने शुरुआत में बढ़त बना ली थी, लेकिन प्रियांशी ने बेहतरीन वापसी करते हुए उनके पैरों पर हमला किया और उन्हें पिन करके मुकाबला अपने नाम कर लिया। हालांकि, क्वार्टर फाइनल में प्रियांशी को चीन की फेंग जिकि के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। फेंग जिकि ने यह मुकाबला तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीता। चीन की फेंग जिकि पेरिस ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडल विजेता भी रह चुकी हैं। जिकि के फाइनल में पहुंचने के बाद, प्रियांशी को रेपचेज के जरिए मेडल जीतने का मौका मिला, लेकिन वह जीत हासिल करके पोडियम तक नहीं पहुंच सकीं।

पुरुषों के 125 किलोग्राम भार वर्ग में भारत के पहलवान रजत रुहल ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। उन्हें यह पदक तब मिला, जब अमेरिका के उनके प्रतिद्वंद्वी मेसन पैरिस ने चोट के कारण मुकाबले से हटने का फैसला किया और रजत को वॉकओवर मिल गया। रजत का सफर आसान नहीं रहा। वह क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पोलैंड के कामिल कोसिओलेक से हार गए थे। इसके बाद उन्होंने रेपेशाज राउंड में शानदार वापसी की। इस मुकाबले में रजत ने साउथ कोरिया के ग्वानुक किम को 8-4 के स्कोर से हराकर ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में जगह बनाई। इसी डिवीजन में हिस्सा ले रहे दूसरे भारतीय, दिनेश धनखड़, क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गए। पुनीत कुमार (92 किग्रा) और ओलंपियन दीपक पूनिया (97 किग्रा) अपने-अपने डिवीजनों में शुरुआती मुकाबले हारने के बाद बाहर हुए।

इससे पहले, पेरिस ओलंपिक मेडलिस्ट अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा, दीपक (पुरुषों के 61 किग्रा) और विशाल कालीरमाना (पुरुषों के 65 किग्रा) ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीते। इस तरह बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज में भारत के पदकों की कुल संख्या अब पांच हो गई है। यह भारतीय पहलवानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और यह दिखाता है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितना अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

रेकमेंडेड खबरें