गोंडा में मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतरे, बड़ा रेल हादसा टला
गोंडा में मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतरे, बड़ा रेल हादसा टला
NewsPoint•
गोंडा में बुधवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब यार्ड लाइन पर खड़ी एक मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। यह मालगाड़ी भठिंडा से आई थी और एनएफ रेलवे की ओर जा रही थी। इस घटना के कारणों की जांच की जाएगी, जिसमें हाल में हुए पुनर्विकास कार्य और बारिश को भी ध्यान में रखा जाएगा। वहीं, कुछ दिन पहले झारखंड में भी टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस के साथ एक बड़ा हादसा टल गया था, जब स्वर्णरेखा नदी पर बने रेलवे पुल के पास ट्रेन के गुजरने के दौरान ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) तार टूटकर एक कोच की छत पर गिर गया था।
गोंडा में हुई इस घटना के बाद मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) समेत रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि मालगाड़ी के दो वैगनों की तीन बोगियां (ट्रॉली) पटरी से उतर गईं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ दिन पहले यहां पुनर्विकास का काम हुआ था और हाल में बारिश भी हुई है। इन सब बातों को ध्यान में रखकर घटना के कारणों की जांच की जाएगी। फिलहाल, सभी वैगनों को हटाया जा रहा है और ट्रैक की मरम्मत के बाद उसकी फिटनेस प्रमाणित की जाएगी।यह घटना एक बार फिर रेल सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। गनीमत रही कि गोंडा में मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरने के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई।
इससे पहले, 19 जुलाई को झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में भी एक बड़ा हादसा टल गया था। गालूडीह थाना क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी पर बने रेलवे पुल के पास टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस के गुजरने के दौरान एक अजीब घटना हुई। ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) तार, जो ट्रेन को बिजली देता है, अचानक टूट गया और ट्रेन के एक कोच की छत पर गिर गया। इस वजह से ट्रेन को बीच पुल पर ही रोकना पड़ा।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, यह घटना 19 जुलाई की सुबह करीब सात बजे चंद्ररेखा गांव के पास हुई थी। टाटानगर से हावड़ा जा रही स्टील एक्सप्रेस जैसे ही पुल से गुजर रही थी, अचानक ओएचई तार टूट गया। इससे बिजली की आपूर्ति बंद हो गई और ट्रेन को तुरंत रोक दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना से पहले एक तेज चरमराहट की आवाज सुनाई दी थी। इसके बाद चिंगारियां निकलती दिखाई दीं। कुछ ही पलों में हाई-टेंशन ओएचई तार ट्रेन की छत पर आ गिरा। इससे यात्रियों में थोड़ी देर के लिए घबराहट फैल गई।
हालांकि, रेलवे के कर्मचारियों की तुरंत कार्रवाई और तत्परता के चलते इस घटना में किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई और एक बड़े हादसे को टाल दिया गया। यह घटना भी रेल सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है।