एयरपोर्ट नौकरी के नाम पर ठगी: ईओडब्ल्यू ने चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
एयरपोर्ट नौकरी के नाम पर ठगी: ईओडब्ल्यू ने चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
NewsPoint•
श्रीनगर, 22 जुलाई: जम्मू-कश्मीर अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने एयरपोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ श्रीनगर की एक अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है। यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) में नौकरी का झांसा देकर उनसे मोटी रकम ऐंठता था, लेकिन न तो उन्हें नौकरी मिलती थी और न ही उनके पैसे वापस किए जाते थे।
ईओडब्ल्यू ने FIR संख्या 36/2018 के तहत यह चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला धोखाधड़ी (धारा 420) और आपराधिक साजिश (धारा 120-बी) आरपीसी के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत दर्ज किया गया था। जिन चार लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं, उनके नाम हैं मोहित शर्मा उर्फ भारद्वाज, जो नोएडा के सेक्टर-49, बरौला के रहने वाले हैं; मुकेश कुमार, जो नई दिल्ली के सदर थाना रोड, बड़ा टूटी के निवासी हैं; महमूद खान, जो नई दिल्ली के हदू मोहल्ला, एच-ब्लॉक, मदनपुर खादर, सरिता विहार के रहने वाले हैं; और रामलखन, जो नई दिल्ली के सिंघरास नाश, करीम पहारंग, तहसील डुमरियागंज के निवासी हैं।जांच एजेंसी को कश्मीर घाटी के कई जिलों से शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों में बताया गया था कि कुछ लोग एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) में नौकरी दिलाने का झूठा वादा करके बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये ले रहे हैं। नौकरी की तलाश कर रहे भोले-भाले लोगों को विश्वास में लेकर उनसे पैसे हड़प लिए जाते थे। जब नौकरी नहीं मिलती थी, तो वे अपने पैसे वापस मांगने जाते थे, लेकिन उन्हें पैसे भी नहीं मिलते थे।
आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले की बहुत गहराई से जांच की। जांच के दौरान, शिकायतकर्ताओं के आरोप बिल्कुल सही पाए गए। जांच एजेंसी को आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले। इन सबूतों के आधार पर, चारों आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश कर दी गई है। अब इस बड़े नौकरी ठगी मामले की अगली सुनवाई अदालत में होगी। वहां, कानून के अनुसार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला कई लोगों के लिए एक बड़ा सबक है कि कैसे नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार होने से बचा जा सकता है।