पश्चिम बंगाल में 165 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में ईडी की आठ ठिकानों पर छापेमारी

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कोलकाता, 21 जुलाई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में वित्तीय भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में आठ ठिकानों पर छापेमारी की है। यह छापेमारी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों के साथ मिलकर की गई। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर करीब 20,000 लोगों से लगभग 165 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। ईडी इस मामले की जांच कर रही है और फिलहाल अधिक जानकारी देने से इनकार कर रही है।

ईडी की टीमें कोलकाता और उत्तर 24 परगना जिले के बंगांव सब-डिवीजन में एक साथ तलाशी अभियान चला रही हैं। इन आठ ठिकानों में से चार कोलकाता में हैं, जबकि चार बंगांव में हैं। बंगांव में स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता अभिजीत बिस्वास के घर पर भी छापेमारी की गई है। माना जा रहा है कि अभिजीत बिस्वास इस भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले के मुख्य आरोपी हैं।
जब ईडी की टीम मंगलवार सुबह बंगांव में बिस्वास के घर पहुंची, तो वे वहां नहीं मिले। उनके परिवार वालों ने बताया कि बिस्वास ज्यादातर समय बंगांव से बाहर ही रहते हैं और कभी-कभी ही घर आते हैं। पड़ोसियों ने भी परिवार की इस बात की पुष्टि की है।

यह पूरा मामला कल्याणकारी योजनाओं के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठने से जुड़ा है। आरोप है कि लोगों को सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाने का झूठा वादा करके उनसे मोटी रकम वसूली गई। जब इस ठगी की शिकायत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से की गई, तो इस केंद्रीय जांच एजेंसी ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।

ईडी, जो केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत काम करती है, इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक ईडी के अधिकारियों ने इस मामले में कोई भी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। वे फिलहाल जांच को गोपनीय रख रहे हैं।

हाल ही में पश्चिम बंगाल में 'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026' लागू किया गया है। इस नए कानून में भ्रष्टाचार के मामलों से निपटने के लिए बहुत सख्त प्रावधान हैं। यह कानून राज्य सरकार को यह अधिकार देता है कि वह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के तहत ऐसे अपराधों में शामिल लोगों की संपत्ति को जब्त कर सके। इस कानून के आने से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती मिली है।

इस मामले में कुल आठ जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई है। इनमें से चार ठिकाने कोलकाता शहर में हैं, जो राज्य की राजधानी है। वहीं, बाकी चार ठिकाने उत्तर 24 परगना जिले के बंगांव सब-डिवीजन में स्थित हैं। बंगांव में जिस तृणमूल कांग्रेस नेता के घर पर छापेमारी हुई है, उनका नाम अभिजीत बिस्वास है। उन्हें इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है।

जब ईडी की टीम बंगांव में बिस्वास के घर पहुंची, तो वहां ताला लगा हुआ था और बिस्वास खुद मौजूद नहीं थे। उनके परिवार ने बताया कि वे अक्सर घर से बाहर रहते हैं। पड़ोसियों ने भी इस बात की पुष्टि की कि बिस्वास का आना-जाना कम रहता है। यह घटनाक्रम इस बात की ओर इशारा करता है कि जांच एजेंसी किसी भी कीमत पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

यह पूरा मामला लोगों के भरोसे के साथ खिलवाड़ करने का है। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर ठगी करना एक गंभीर अपराध है। ईडी की यह कार्रवाई ऐसे अपराधियों पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मामले में आगे क्या होता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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