असम बाढ़: कनेक्टिविटी के लिए इंट्रा सर्किल रोमिंग शुरू, सेना का ऑपरेशन जल राहत 3 जारी
असम बाढ़: कनेक्टिविटी के लिए इंट्रा सर्किल रोमिंग शुरू, सेना का ऑपरेशन जल राहत-3 जारी
NewsPoint•
नई दिल्ली/गुवाहाटी, 22 जुलाई: असम में बाढ़ से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। केंद्र सरकार ने कनेक्टिविटी की समस्या को दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दूरसंचार विभाग ने आपातकालीन उपाय के तौर पर आईसीआर (इंट्रा सर्किल रोमिंग) सुविधा शुरू की है। यह सुविधा चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों में लागू की गई है। इसका मतलब है कि अब अलग-अलग मोबाइल कंपनियों के ग्राहक जरूरत पड़ने पर दूसरी कंपनी के नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकेंगे। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा आज इन तीन जिलों का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लेंगे।
पिछले 24 घंटों में बाढ़ के कारण 21 लोगों की जान चली गई है। राज्य के 16 जिलों में करीब 5.6 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, शिवसागर जिले में सबसे ज्यादा 13 लोगों की मौत हुई है। चराइदेव में पांच, गोलाघाट में दो और जोरहाट में एक व्यक्ति की मौत हुई है।भारतीय सेना ने राज्य सरकार के अनुरोध पर 'ऑपरेशन जल राहत-3' शुरू किया है। सेना ने अब तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 150 लोगों को बचाया है और उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है। बचाए गए लोगों में 73 पुरुष, 47 महिलाएं और 30 बच्चे शामिल हैं। सेना राहत और बचाव कार्यों के लिए इंजीनियर टास्क फोर्स की मदद ले रही है। विशेष टीमें प्रभावित इलाकों में भेजी गई हैं। ये टीमें बचाव, लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरतमंदों की मदद करने में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा आज चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों का हवाई दौरा करेंगे। वे बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेंगे और लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन देंगे। राज्य सरकार बाढ़ पीड़ितों की हर तरह से मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आईसीआर (इंट्रा सर्किल रोमिंग) एक ऐसी सुविधा है जो मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता को बढ़ाती है। जब किसी इलाके में एक मोबाइल कंपनी का नेटवर्क ठीक से काम नहीं करता है, तो आईसीआर के जरिए ग्राहक दूसरी कंपनी के नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुविधा खासकर तब बहुत मददगार होती है जब प्राकृतिक आपदाओं के कारण संचार व्यवस्था बाधित हो जाती है। इससे लोग अपने प्रियजनों से संपर्क बनाए रख सकते हैं और मदद मांग सकते हैं।
बाढ़ की वजह से असम के कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों को पीने के पानी और भोजन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें मिलकर काम कर रही हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके और उन्हें राहत पहुंचाई जा सके।
यह संकट गहराता जा रहा है और सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि जल्द से जल्द स्थिति सामान्य हो सके। लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।