सोने और चांदी में तेजी: डॉलर इंडेक्स में गिरावट और मध्य पूर्व में तनाव कम होने से कीमतों में उछाल
सोने और चांदी में तेजी: डॉलर इंडेक्स में गिरावट और मध्य पूर्व में तनाव कम होने से कीमतों में उछाल
NewsPoint•
मुंबई, 27 जुलाई: सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में अच्छी खासी तेजी देखी गई। शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं के दाम एक प्रतिशत तक चढ़ गए थे। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अगस्त, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,43,106 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,43,575 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। सुबह 9:45 बजे तक सोना 907 रुपए या 0.63 प्रतिशत की मजबूती के साथ 1,44,013 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान सोने ने 1,43,575 रुपए प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,44,111 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ। सोने के साथ-साथ चांदी में भी उछाल देखा गया। चांदी का 4 सितंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,22,138 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 2,23,500 रुपए प्रति किलो पर खुला। फिलहाल यह 2,066 रुपए या 0.93 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,24,204 रुपए प्रति किलो पर थी। अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,23,500 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,24,632 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ।
जानकारों का मानना है कि सोने और चांदी में आई इस तेजी का मुख्य कारण डॉलर इंडेक्स का कमजोर होना है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बाद डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई है। फिलहाल यह 0.25 प्रतिशत घटकर 101.03 पर आ गया था। डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी डॉलर की दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं - यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक - के मुकाबले स्थिति को दर्शाता है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोना और चांदी जैसी कीमती धातुएं निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक हो जाती हैं, जिससे उनकी मांग और कीमतें बढ़ जाती हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। सोना 0.47 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,090 डॉलर प्रति औंस पर था, जबकि चांदी 0.95 प्रतिशत की मजबूती के साथ 59 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। यह अंतरराष्ट्रीय रुझान घरेलू बाजार में देखी गई तेजी की पुष्टि करता है।
इसके अलावा, मध्य पूर्व में तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 4.23 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 87.80 डॉलर प्रति बैरल पर था, और डब्ल्यूटीआई क्रूड 4.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85.20 डॉलर प्रति बैरल पर था। भू-राजनीतिक तनाव कम होने से अक्सर तेल की कीमतों में गिरावट आती है, क्योंकि आपूर्ति बाधित होने का डर कम हो जाता है। तेल की कीमतों में यह गिरावट भी वैश्विक आर्थिक माहौल को प्रभावित करती है, जिसका असर कीमती धातुओं पर भी पड़ सकता है।
संक्षेप में, सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में उछाल आया, जिसका मुख्य कारण डॉलर का कमजोर होना और मध्य पूर्व में तनाव का कम होना था। इन कारकों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और कीमती धातुओं में निवेश को बढ़ावा दिया।