पेपर लीक विरोधी विधेयक पर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी की प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा

NewsPoint
Navbharat Times
पटना, 27 जुलाई: बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पेपर लीक के खिलाफ सरकार की कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। इस दिशा में एक नया कानून लाया जा रहा है, जिसे केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है और आज लोकसभा में पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है कि पेपर लीक के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी और न्याय में देरी न हो, इसके लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। बिहार सरकार ने भी पेपर लीक को गैर-जमानती अपराध बनाने वाला कानून बनाया है।

संजय सरावगी ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि सरकार प्रश्न पत्र की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर है। इसके लिए एक एक्सपर्ट टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स ऐसे उपाय सुझाएगी जिससे प्रश्न पत्र लीक न हों और उनकी सुरक्षा मजबूत हो। उन्होंने कहा कि एक तरफ दोषियों के लिए कड़े कानून और सजा का प्रावधान किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रश्न पत्रों को सुरक्षित रखने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
सामना के संपादकीय पर टिप्पणी करते हुए सरावगी ने कहा कि उद्धव ठाकरे या शिवसेना (यूपी) को कोई गंभीरता से नहीं लेता। उनके सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं और पार्टी में अंदरूनी कलह मची हुई है। ऐसे में वे जो चाहें लिख या कह सकते हैं।

पंजाब में पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। सरावगी ने कहा कि केजरीवाल को सबसे पहले पंजाब के शिक्षा मंत्री से इस्तीफा दिलवाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि केजरीवाल ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं। वे सिर्फ दिल्ली में बड़े-बड़े भाषण देते हैं, लेकिन पंजाब की बात आने पर चुप हो जाते हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पंजाब में भी शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें।

संजय सरावगी ने जोर देकर कहा कि भारत सरकार छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी हाल में खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रस्तावित पेपर लीक विरोधी विधेयक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस विधेयक के तहत पेपर लीक के मामलों में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि दोषियों को बिना देरी के सजा मिले, इसीलिए सरकार ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है।

उन्होंने यह भी बताया कि बिहार सरकार ने भी हाल ही में एक कानून बनाया है, जिसके तहत पेपर लीक के अपराधों को गैर-जमानती बना दिया गया है। इसका मतलब है कि पेपर लीक करने वाले को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी और उन्हें जेल जाना पड़ सकता है।

एक एक्सपर्ट टास्क फोर्स का गठन इस समस्या के समाधान के लिए किया गया है। यह टास्क फोर्स प्रश्न पत्र की सुरक्षा को मजबूत करने के तरीकों पर काम करेगी। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रश्न पत्र लीक न हो सकें। सरावगी ने कहा कि यह एक दोतरफा रणनीति है। एक तरफ, पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के लिए कड़े कानून और जल्द सजा का प्रावधान किया जा रहा है। दूसरी तरफ, एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई है जो ऐसे उपाय सुझाएगी जिससे प्रश्न-पत्र सुरक्षित रहें और किसी भी हाल में पेपर लीक न हो।

सामना के संपादकीय लेख पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए संजय सरावगी ने कहा कि क्या कोई सच में उद्धव ठाकरे या शिवसेना (यूपी) को गंभीरता से लेता है? उनके सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं और पार्टी के अंदर पूरी तरह उथल-पुथल मची है। वे जो चाहें लिख या कह सकते हैं। यह उनकी अपनी पार्टी की अंदरूनी समस्या है।

पंजाब में पेपर लीक होने पर संजय सरावगी ने अरविंद केजरीवाल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को सबसे पहले पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा दिलवाना चाहिए। वह ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? वह सिर्फ़ दिल्ली में बड़े-बड़े भाषण देते हैं, लेकिन जब पंजाब की बात आती है तो चुप हो जाते हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वहां भी शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। यह उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे पंजाब में भी शिक्षा व्यवस्था को ठीक करें और पेपर लीक जैसे मामलों पर कार्रवाई करवाएं।

रेकमेंडेड खबरें