सीजेपी का दावा: असम, बंगाल, बिहार में प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया जा रहा, तत्काल हस्तक्षेप की मांग

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों से छात्रों और प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने, हिरासत में लेने और गिरफ्तार करने की खबरें आ रही हैं। पार्टी ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सीजेपी ने कहा कि सरकार को अपने उस वादे का सम्मान करना चाहिए जिसमें उसने भरोसा दिलाया था कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

सीजेपी की मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर यह बात कही। उन्होंने बताया कि पार्टी ने देशव्यापी आंदोलन तभी स्थगित किया था जब सरकार ने यह आश्वासन दिया था कि किसी भी प्रदर्शनकारी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी, चाहे वह भाजपा शासित राज्य हो या एनडीए शासित राज्य। लेकिन अब विभिन्न राज्यों से आ रही खबरें बेहद चिंताजनक हैं। सीजेपी का कहना है कि सरकार को अपने वादे पर कायम रहना चाहिए।
पार्टी ने यह भी बताया कि उनकी कानूनी टीम पहले दिन से ही सक्रिय है। वे संबंधित राज्यों के वकीलों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए लोगों को छुड़ाया जा सके और उन्हें हर संभव कानूनी मदद दी जा सके। सीजेपी ने केंद्र सरकार, खासकर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से अपील की है कि वे दिए गए आश्वासन का पालन सुनिश्चित करें।

सीजेपी की मांग है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तुरंत रिहा किया जाए। साथ ही, देश में कहीं भी किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ दबाव बनाने या बदले की भावना से कोई कार्रवाई न की जाए। पार्टी ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को वापस लिया जाना चाहिए।

बयान में सरकार को याद दिलाया गया कि उसने 28 जुलाई 2026 तक इस संबंध में लिखित गारंटी देने का वादा किया था। सीजेपी ने कहा कि देशव्यापी आंदोलन को स्थगित करने का फैसला पूरी तरह से सद्भावना और सरकार के आश्वासन पर भरोसा करके लिया गया था। अगर सरकार अपने वादे से मुकर जाती है, तो यह सिर्फ कॉकरोच जनता पार्टी के साथ धोखा नहीं होगा, बल्कि उन लाखों युवाओं के भरोसे को भी तोड़ेगा जिन्होंने आंदोलन की जगह बातचीत का रास्ता चुना। पार्टी ने जोर देकर कहा कि युवाओं के साथ किसी भी तरह का विश्वासघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सीजेपी ने अपने बयान में कहा कि किसी भी सरकार की इज्जत सिर्फ वादे करने से नहीं, बल्कि उन्हें पूरा करने से बनती है। युवा प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पार्टी ने कहा कि वे धैर्य बनाए रखें। सीजेपी उनके साथ खड़ी है और स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। पार्टी ने मांग की कि सभी हिरासत में लिए गए और गिरफ्तार किए गए लोगों को तुरंत रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं। सीजेपी ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आगे आवश्यक कदम उठाने पर विचार करेंगे।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब देश में विभिन्न मुद्दों पर युवाओं का असंतोष देखने को मिल रहा है। सीजेपी का यह बयान सरकार पर दबाव बनाने की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने वादे के अनुसार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। सरकार के आश्वासन के बावजूद, विभिन्न राज्यों से आ रही गिरफ्तारियों की खबरें चिंता का विषय बनी हुई हैं। सीजेपी ने उम्मीद जताई है कि सरकार अपने वादे का सम्मान करेगी और सभी प्रदर्शनकारियों को न्याय मिलेगा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या वह अपने वादे को पूरा करती है।

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