हुमा कुरैशी का बॉलीवुड सफर: दिल्ली के थिएटर से 'महारानी' तक का दमदार अभिनय

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Navbharat Times
बॉलीवुड की दमदार अदाकारा हुमा कुरैशी, जिन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता है, उनका सफर दिल्ली के थिएटर से शुरू होकर हॉलीवुड तक पहुंचा है। 28 जुलाई 1986 को दिल्ली में जन्मीं हुमा ने कभी सोचा भी नहीं था कि वे आमिर खान और शाहरुख खान जैसे बड़े सितारों के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' जैसी कल्ट क्लासिक फिल्म और 'महारानी' जैसी हिट वेब सीरीज ने उन्हें नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

हुमा कुरैशी का जन्म दिल्ली में हुआ था। उनके पिता सलीम कुरैशी दिल्ली में रेस्टोरेंट चलाते थे और मां अमीना कुरैशी एक गृहिणी थीं। हुमा का परिवार फिल्मी दुनिया से बिल्कुल भी जुड़ा नहीं था। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के गार्गी कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज के दिनों में ही हुमा को एक्टिंग का शौक लगा और उन्होंने 'एक्ट 1' नाम के थिएटर ग्रुप के साथ काम करना शुरू कर दिया। यहीं पर उन्होंने एक्टिंग की बारीकियां सीखीं और एक्ट्रेस बनने का सपना और मजबूत हुआ।
अपने सपनों को पूरा करने के लिए हुमा साल 2008 में मुंबई आ गईं। शुरुआत में उन्हें फिल्मों में काम मिलना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने विज्ञापनों में काम करना शुरू किया। इसी दौरान वे कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों में नजर आईं। उन्होंने आमिर खान के साथ एक मोबाइल कंपनी के विज्ञापन में और शाहरुख खान के साथ एक पेंट ब्रांड के विज्ञापन में काम किया। इन विज्ञापनों ने उन्हें पहचान दिलाई और उनकी एक्टिंग को लोगों ने नोटिस किया।

हुमा की किस्मत तब बदली जब एक विज्ञापन की शूटिंग के दौरान निर्देशक अनुराग कश्यप की नजर उन पर पड़ी। अनुराग कश्यप उनकी एक्टिंग से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी फिल्म में उन्हें मौका देने का फैसला किया। इसके बाद साल 2012 में हुमा ने फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' से बॉलीवुड में डेब्यू किया। इस फिल्म में उन्होंने मोहसीना हमीद का किरदार निभाया था। एक छोटे शहर की लड़की के किरदार में हुमा ने ऐसी जान फूंकी कि दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने उनकी खूब तारीफ की। 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के बाद हुमा के करियर ने रफ्तार पकड़ ली। उन्हें इस फिल्म के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड में बेस्ट फीमेल डेब्यू और बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला।

इसके बाद हुमा ने 'लव शव ते चिकन खुराना', 'एक थी डायन', 'डेढ़ इश्किया', 'बदलापुर' और 'जॉली एलएलबी 2' जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया। हर फिल्म में उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी अभिनय क्षमता को साबित किया। हुमा ने सिर्फ हिंदी फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने मराठी फिल्म 'हाइवे', तमिल फिल्म 'काला' और 'वलिमाई' जैसे प्रोजेक्ट्स में भी काम किया। साल 2021 में उन्होंने हॉलीवुड फिल्म 'आर्मी ऑफ द डेड' से इंटरनेशनल सिनेमा में भी कदम रखा। अलग-अलग भाषाओं और इंडस्ट्री में काम करके उन्होंने खुद को एक बहुमुखी कलाकार के रूप में साबित किया।

ओटीटी (OTT) के दौर में हुमा को सबसे बड़ी पहचान वेब सीरीज 'महारानी' से मिली। इसमें उन्होंने बिहार की एक महिला 'रानी भारती' का किरदार निभाया। यह किरदार उनकी असल जिंदगी से बिल्कुल अलग था। उन्होंने इस किरदार के लिए भाषा, पहनावे और चाल-ढाल पर काफी मेहनत की। इस भूमिका के लिए उन्हें काफी सराहना मिली और उन्होंने फिल्मफेयर ओटीटी अवॉर्ड भी जीता।

साल 2023 में हुमा ने फिल्म 'तरला' में मशहूर शेफ तरला दलाल का किरदार निभाया। इसके अलावा, वे 'मोनिका, ओ माय डार्लिंग' जैसी फिल्मों में भी नजर आईं। एक्टिंग के साथ-साथ हुमा लेखन में भी रुचि रखती हैं और उन्होंने अपनी किताब 'जेबा: एन एक्सीडेंटल सुपरहीरो' भी पब्लिश की है। हुमा कुरैशी का यह सफर दिखाता है कि अगर लगन और मेहनत हो तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।

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