राज्यसभा में हंगामा: विपक्ष के हंगामे के कारण 'पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक' पर चर्चा बाधित
राज्यसभा में हंगामा: विपक्ष के हंगामे के कारण 'पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक' पर चर्चा बाधित
NewsPoint•
नई दिल्ली, 27 जुलाई। सोमवार को राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। शाम 5 बजकर 15 मिनट पर जब सदन फिर से शुरू हुआ, तो संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर चर्चा को रोक रहा है। इसके जवाब में, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वे चर्चा के लिए तैयार हैं और डरते नहीं हैं। दरअसल, विपक्ष की मांग है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मामले में गृहमंत्री सदन में बयान दें।
किरेन रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से अपील करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि खड़गे अपनी पार्टी के सांसदों को सदन चलाने के लिए समझाएंगे। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से पेपर लीक और छात्रों के भविष्य को लेकर चर्चा की मांग कर रही थी। लेकिन अब जब सरकार 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक' जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा कराने के लिए तैयार है, तो विपक्ष सदन नहीं चलने दे रहा है। रिजिजू ने बताया कि सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में चर्चा के लिए समय तय कर दिया है। संसद की बिजनेस सलाहकार समिति की बैठक में विपक्ष की सहमति से ही यह समय आवंटित किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित मंत्री भी सदन में चर्चा सुनने के लिए मौजूद हैं।संसदीय कार्य मंत्री ने कहा, “बाहर कहा जाता है कि संसद में बोलने नहीं दिया जाता, लेकिन सदन के भीतर हम हाथ जोड़कर कह रहे हैं कि आइए, चर्चा कीजिए। फिर भी आप सदन नहीं चलने दे रहे हैं।” संसदीय कार्य मंत्री ने खड़गे से कहा कि वे एक वरिष्ठ नेता हैं और कांग्रेस सांसदों को इस तरह का व्यवहार न करने की सलाह दें। उन्होंने कहा कि देश के युवा इस कार्यवाही को देख रहे हैं और वे पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा सुनना चाहते हैं। रिजिजू ने यह भी बताया कि लोकसभा में सरकार ने वक्ताओं की सूची तक जारी कर दी है, लेकिन वहां भी कांग्रेस के सदस्य हंगामा कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष से कहा कि इस तरह के रवैये से सबसे अधिक नुकसान उन्हीं का होगा। उन्होंने दोहराया कि Prime Minister पहले ही इस मुद्दे पर आवश्यक कदम उठा चुके हैं और अब संसद में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष उसे होने नहीं दे रहा।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसदीय कार्य मंत्री की इन बातों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि वे चर्चा को तैयार हैं, लेकिन वे छात्रों पर बल प्रयोग का मुद्दा उठाते रहेंगे। जब खड़गे अपनी बात रख रहे थे, तभी राज्यसभा में जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया और उपसभापति ने सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।
यह पूरा मामला सोमवार को राज्यसभा में तब गरमाया जब विपक्ष, खासकर कांग्रेस, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा उठाना चाहता था। विपक्ष की मांग थी कि इस मामले पर गृहमंत्री सदन में आकर बयान दें। लेकिन सरकार का कहना था कि वह 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक' जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के लिए तैयार है, जिसके लिए समय भी आवंटित किया जा चुका है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे जानबूझकर चर्चा को बाधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले पेपर लीक जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग करता था, लेकिन अब जब सरकार चर्चा के लिए तैयार है, तो वे हंगामा कर रहे हैं। रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से अपील की कि वे अपनी पार्टी के सांसदों को सदन चलाने में सहयोग करने के लिए कहें। उन्होंने कहा कि सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में चर्चा के लिए समय तय किया है और यह समय बिजनेस सलाहकार समिति की बैठक में विपक्ष की सहमति से ही आवंटित हुआ था।
रिजिजू ने कहा कि सरकार सदन के भीतर चर्चा के लिए तैयार है और संबंधित मंत्री भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “बाहर कहा जाता है कि संसद में बोलने नहीं दिया जाता, लेकिन सदन के भीतर हम हाथ जोड़कर कह रहे हैं कि आइए, चर्चा कीजिए। फिर भी आप सदन नहीं चलने दे रहे हैं।” उन्होंने खड़गे से कहा कि वे एक वरिष्ठ नेता हैं और कांग्रेस सांसदों को इस तरह का व्यवहार न करने की सलाह दें। रिजिजू ने जोर देकर कहा कि देश के युवा इस कार्यवाही को देख रहे हैं और वे पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा सुनना चाहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि लोकसभा में सरकार ने वक्ताओं की सूची तक जारी कर दी है, लेकिन वहां भी कांग्रेस के सदस्य हंगामा कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी दी कि इस तरह के रवैये से सबसे अधिक नुकसान उन्हीं का होगा। उन्होंने दोहराया कि Prime Minister पहले ही इस मुद्दे पर आवश्यक कदम उठा चुके हैं और अब संसद में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष उसे होने नहीं दे रहा।
दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसदीय कार्य मंत्री के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग किया गया था। खड़गे ने कहा कि वे चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन वे छात्रों पर बल प्रयोग का मुद्दा उठाते रहेंगे। जब खड़गे अपनी बात रख रहे थे, तभी राज्यसभा में भारी हंगामा शुरू हो गया। इस हंगामे के कारण उपसभापति को सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। इस तरह, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और विधेयकों पर चर्चा के मुद्दे पर सोमवार को राज्यसभा में काफी गहमागहमी रही।