गुजरात में 2,999 करोड़ से अधिक के निवेश वाली औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी, रोजगार सृजन को बढ़ावा

NewsPoint
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गांधीनगर, 27 जुलाई। गुजरात सरकार ने सोमवार को विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के तहत 2,999 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली कई औद्योगिक परियोजनाओं को हरी झंडी दिखा दी। इन मंजूरियों से राज्य भर में विनिर्माण, औद्योगिक ढांचा और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। यह फैसला उप मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री हर्ष संघवी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठकों में लिया गया।

सरकार के मुताबिक, ये परियोजनाएं उसके औद्योगिक प्रोत्साहन ढांचे का हिस्सा हैं। इसमें बड़े उद्योगों, कपड़ा निर्माण और औद्योगिक पार्क के विकास के लिए मदद शामिल है। सरकार का कहना है कि इन स्वीकृत प्रस्तावों से 6,100 से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा।
औद्योगिक नीति-2015 के तहत सबसे ज्यादा मंजूरी मिली है। इसके तहत बड़े उद्योगों को अंतिम पात्रता प्रमाण पत्र देने वाली समिति ने 1,978.04 करोड़ रुपये के कुल पूंजी निवेश वाले 32 प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं से करीब 4,739 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद है।

यह स्वीकृत निवेश राज्य के कई क्षेत्रों और जिलों में फैला हुआ है। अहमदाबाद में ऑटोमोबाइल, धातु, सीमेंट और कंक्रीट क्षेत्रों में 528.49 करोड़ रुपये का निवेश होगा। मोरबी में सिरेमिक, रसायन, कागज और प्लास्टिक निर्माण में 480.16 करोड़ रुपये का निवेश आएगा। वहीं, कच्छ को धातु क्षेत्र में 332.71 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है।

इसके अलावा, मेहसाणा को प्लास्टिक और धातु परियोजनाओं के लिए 301.16 करोड़ रुपये मिलेंगे। वडोदरा को रसायन क्षेत्र में 102.94 करोड़ रुपये, साबरकांठा को सिरेमिक क्षेत्र में 110.42 करोड़ रुपये, सूरत को कपड़ा, दवा और धातु क्षेत्रों में 74.49 करोड़ रुपये, गांधीनगर को धातु क्षेत्र में 35.41 करोड़ रुपये और भरूच को धातु क्षेत्र में 12.26 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है।

सरकार ने बताया कि औद्योगिक नीति-2015 के तहत शुरू की गई प्रोत्साहन योजना में पात्र औद्योगिक इकाइयों को शुद्ध एसGST वापसी या सहायता दी जाती है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यह नीति लागू होने के बाद से गुजरात में 1,48,336.35 करोड़ रुपये का निवेश आया है और 1,65,053 लोगों को सीधे रोजगार मिला है।

उन्होंने आगे कहा कि इस नीति ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के विकास को भी बढ़ावा दिया है। इससे राज्य में उद्योग-अनुकूल माहौल बनाने में मदद मिली है।

एक अलग समिति ने बड़े उद्योगों और प्रमुख क्षेत्रों के लिए पूंजी सब्सिडी योजना के तहत भी एक परियोजना को मंजूरी दी है। 649.23 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस परियोजना से करीब 871 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि यह निवेश गुजरात के औद्योगिक ढांचे को और मजबूत करेगा और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोजगार पैदा करेगा।

एक और फैसले में, कपड़ा मूल्य श्रृंखला में खास क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए सहायता योजना-2019 के तहत राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की सातवीं बैठक में तीन कपड़ा इकाइयों के लिए सहायता को मंजूरी दी गई।

यह कदम गुजरात को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि इन निवेशों से राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले और अधिक से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिलें। यह औद्योगिक नीति-2015 की सफलता को भी दर्शाती है, जिसने राज्य में निवेश और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन नई परियोजनाओं से राज्य के विभिन्न हिस्सों में विकास को गति मिलेगी और स्थानीय उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी।

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