ईरान और पाकिस्तान से 431 अफगान परिवारों की अफगानिस्तान वापसी, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने जताई चिंता
ईरान और पाकिस्तान से 431 अफगान परिवारों की अफगानिस्तान वापसी, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने जताई चिंता
NewsPoint•
ईरान और पाकिस्तान से सोमवार को बड़ी संख्या में अफगान परिवार अपने वतन अफगानिस्तान लौटे. स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, एक ही दिन में करीब 431 अफगान परिवार, जिनमें 2,199 नागरिक शामिल थे, वापस आए. यह वापसी ऐसे समय में हुई है जब एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी मानवाधिकार संस्थाएं अफगान शरणार्थियों को जबरन निकाले जाने के खिलाफ आवाज उठा रही हैं.
तालिबान के उप प्रवक्ता मुल्ला हमदुल्लाह फितरत ने सोमवार को प्रवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए बने उच्च आयोग की दैनिक रिपोर्ट साझा की. अफगानिस्तान स्थित पझवोक अफगान न्यूज के अनुसार, इस रिपोर्ट में बताया गया कि कुल 2,199 अफगान नागरिक 431 परिवारों के रूप में अफगानिस्तान लौटे. इनमें से 337 परिवार, जिनमें 1,769 लोग थे, तोरखम सीमा मार्ग से वापस आए. इसके अलावा, 39 परिवारों के 213 लोग स्पिन बोलदक सीमा मार्ग से अफगानिस्तान लौटे. वहीं, 42 परिवारों के 167 लोग पुल-ए-अब्रिशम सीमा मार्ग से वापस आए. इन सबके अलावा, 294 अन्य यात्री भी अफगानिस्तान पहुंचे. आयोग की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 13 परिवारों के 50 लोग इस्लाम काला सीमा मार्ग से अफगानिस्तान वापस आए.यह वापसी ऐसे समय में हो रही है जब एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की थी कि वह अफगान शरणार्थियों को जबरन और गैरकानूनी तरीके से निकाले जाने से रोके. संगठन ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के अनुसार उनकी सुरक्षा और जरूरतों का ध्यान रखा जाना चाहिए. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बताया कि अफगान शरणार्थियों को जिन देशों में वे रह रहे हैं, वहां मनमानी गिरफ्तारियों और परिवारों से अलग होने जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
मानवाधिकार संगठन ने यह भी चिंता जताई कि अफगानिस्तान लौटने के बाद भी उन्हें मानवाधिकारों के उल्लंघन का खतरा बना रहता है. एमनेस्टी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, “दुनिया भर में लाखों अफगान शरणार्थियों को बाहर निकाला जा रहा है और यह संख्या हर दिन बढ़ रही है. मेजबान देशों में उन्हें मनमानी गिरफ्तारियों और परिवारों से अलग होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. लौटने पर उन्हें दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक के बीच मानवाधिकारों के उल्लंघन का सामना करना पड़ रहा है.”
संगठन ने आगे कहा, “अफगान लोगों को गैरकानूनी तरीके से निकाला जाना बंद होना चाहिए और जिन लोगों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरत है, उनकी सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के अनुसार की जानी चाहिए.” यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां पड़ोसी देशों से अफगान शरणार्थियों को वापस भेजे जाने की संख्या में बढ़ोतरी की जानकारी दे रही हैं.
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने भी कई बार कहा है कि अफगान शरणार्थियों की वापसी सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से होनी चाहिए. उन्होंने लौटने वाले लोगों के लिए ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मदद की भी अपील की है. यह स्थिति अफगान शरणार्थियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि वे अपने देश में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं.