गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर उठाए कई गंभीर सवाल, एनडीए नेताओं का समर्थन
गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर उठाए कई गंभीर सवाल, एनडीए नेताओं का समर्थन
NewsPoint•
नई दिल्ली, 1 नवंबर। गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडी गठबंधन की रैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। इस पर एनडीए नेताओं ने अपना समर्थन जताया। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि कांग्रेस का रवैया अब सवाल उठाने लायक है। उन्होंने चुनाव आयोग के मुद्दे पर आंदोलन करने की बात की, जिससे संस्थाएं कमजोर होंगी और देश को नुकसान होगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि विपक्ष में होने के नाते कांग्रेस को आंदोलन का अधिकार है, लेकिन उन्हें यह सोचने की जरूरत है कि वे किस मुद्दे पर और कैसे आंदोलन कर रहे हैं। भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा, “संविधानिक संस्थाओं को चुनौती देकर राजनीति करने को देश की जनता अराजकता ही मानेगी।” उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी विदेशों में जाकर देश के बारे में ऐसी बातें करते हैं, जिनका गलत प्रभाव पड़ता है।” वे कहते हैं कि गृह मंत्री जो करते हैं, वह सही करते हैं। नक्सलवाद को खत्म करने में गृह मंत्री की भूमिका को उन्होंने सराहा और कहा कि नशे के खिलाफ भी उनकी कोशिशें सफल होंगी।
मनोज कुमार पांडेय ने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर अपना आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ये लोग चुनाव आयोग के माध्यम से लंबे समय तक सत्ता में रहे हैं। अब वे वोट चोरी के आरोप लगाते हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि कैसे ये लोग हिमाचल प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक और केरल में मिली जीत पर खुश रहते हैं और हारने पर चुनाव आयोग पर उंगली उठाते हैं।
पांडेय ने कहा, “अपने हाथ में संविधान लेकर चलने वाले लोग आज संविधान का अपमान कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि जनता उन लोगों को समझ चुकी है जो चुनी हुई सरकारों, लोकसभा अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा, “ये हारे हुए लोग हैं।” दीपावली के इस पर्व पर ये लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।
इन सबके बीच, आम जनता को यह साफ है कि कांग्रेस की गंभीरता और उसके मुद्दों पर पुनर्विचार की जरूरत है। सरकार का ध्यान नक्सलवाद और नशे के खिलाफ कदम उठाने पर है। गृह मंत्री अमित शाह ने जो कहा है, उसमें सच्चाई दिख रही है। भाजपा और एनडीए के नेता एक सुर में कहते हैं कि विपक्ष को अपनी रणनीति पर ध्यान देना चाहिए।
इस दौर में जब देश में चुनावों का माहौल गर्म है, राजनीतिक दलों के बीच उठापठक और आरोप-प्रत्यारोप ने नई चर्चा को जन्म दिया है। देखते हैं आगे क्या होता है और विपक्ष अपनी स्थिति को कैसे सुधारता है।