रामदास आठवले ने राहुल गांधी की रैलियों और चुनाव आयोग पर उठाए गए सवालों की आलोचना की
रामदास आठवले ने राहुल गांधी की रैलियों और चुनाव आयोग पर उठाए गए सवालों की आलोचना की
NewsPoint•
मुंबई, 1 नवंबर। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने विपक्ष की रैलियों और चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि देश का माहौल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के पक्ष में है। उनका मानना है कि विपक्ष को आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर अप्रिय टिप्पणियां करके विवाद खड़ा करना सही नहीं है।
रामदास आठवले ने कहा कि राहुल गांधी कितनी भी रैलियां निकालें, वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। लेकिन चुनाव आयोग के खिलाफ जिस तरह से बयानबाजी और प्रदर्शन हो रहे हैं, उससे जनता में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने विचारशीलता से कुछ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए हैं। जानबूझकर विवाद पैदा करना ठीक नहीं है।आठवले ने यह भी याद दिलाया कि जब 2014 में भाजपा की सरकार बनी थी, तब मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति कांग्रेस सरकार के तहत हुई थी। ऐसे में उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में इस तरह की बयानबाजी और नाटक करना उचित नहीं है।" उन्होंने आगे यह भी कहा कि लगातार प्रदर्शन से आम लोगों को परेशानी होती है।
केंद्र में व्यापारियों को हुए नुकसान पर उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले इस तरह की रैली आयोजित नहीं की जानी चाहिए थी। व्यापारियों ने रैली की तारीख को बदलने की अपील की थी, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। इससे व्यापारियों का नुकसान हुआ है।
जब ममता बनर्जी के बयानों का जिक्र आया, तो रामदास आठवले ने कहा कि वह एक डैशिंग महिला हैं। उन्होंने कहा, "वह तीन बार Chief Minister रह चुकी हैं और केंद्र में मंत्री भी रही हैं। अगर वह कह रही हैं कि 2026 में भाजपा की जीत हुई और वोट चोरी का आरोप लगा रही हैं, तो 2021 में जब उनकी सरकार बनी थी, तब किसी ने यह नहीं कहा था कि वोट चोरी हुई है। सभी ने जनता के मत का सम्मान किया था। मैंने भी उन्हें बधाई दी थी।"
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब ममता बनर्जी को सत्ता मिलती है, तो वह यह कहती हैं कि वोट चोरी नहीं हुई। लेकिन जब भाजपा की सरकार बनती है, तो वह कहती हैं कि वोट चोरी हुई है। आगे उन्होंने कहा कि, "अगर उन्हें आंदोलन करना है तो करते रहें, हम देश का विकास करते रहेंगे।"
रामदास आठवले ने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय आम लोगों पर भी हमले हुए थे। कई सिखों की हत्या की गई थी और मकान जलाए गए थे। गृह मंत्री अमित शाह का भी जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "अमित शाह ने सही कहा है कि सिख समुदाय यह सब भूल नहीं सकता।"
आठवले ने अंत में कहा कि पंजाब में अब हमारी सरकार बनने वाली है।
इस प्रकार, विपक्ष की रैलियों और चुनाव आयोग पर उठते सवालों पर रामदास आठवले ने एक स्पष्ट स्थिति प्रस्तुत की। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करने की बात कही। इसके साथ ही, व्यापारियों और सिख समुदाय के मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। यह सब दर्शाता है कि वे राजनीति में अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता को समझते हैं।