गोवा में पर्यटन पैकेज ठगी के आरोपी गौरेश शिरोडकर की गिरफ्तारी, 99,430 रुपए का मामला
गोवा में पर्यटन पैकेज ठगी के आरोपी गौरेश शिरोडकर की गिरफ्तारी, 99,430 रुपए का मामला
NewsPoint•
गोवा के अंजुना पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो पर्यटन पैकेज के नाम पर ठगी कर रहा था। यह कार्रवाई 29 अक्टूबर को की गई थी, जब कर्नाटक निवासी एक इंजीनियर ने इसकी शिकायत की थी। आरोपी का नाम गौरेश शिरोडकर है, जो डोंगरीम, मंडूर का निवासी है। उसने महंगे हॉलिडे पैकेज बेचने का झांसा देकर इंजीनियर से 99,430 रुपए ठग लिए। इसके अलावा, उसका यह कार्य गोवा की पर्यटन छवि को नुकसान पहुंचा रहा था।
शिकायतकर्ता निदा कनीस फातिमा ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे छुट्टियों के पैकेज का लालच देकर ठगा। जांच में सामने आया कि शिरोडकर जीओआईआई वेकेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का संचालन कर रहा था। यह कंपनी स्क्रैच कार्ड बांटने का काम करती थी और इसके फील्ड स्टाफ ने ग्राहकों को होटल लेमन ट्री में लाकर उन्हें हॉलिडे पैकेज के लिए प्रेरित किया। यहीं पर वे ग्राहकों को पैकेज खरीदने की प्रस्तुति देते थे।पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे मापुसा स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ गोवा के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। इनमें पणजी पुलिस स्टेशन में चार मामले, कलंगुट पुलिस में एक, आर्थिक अपराध शाखा (ईओसी) में एक और अंजुना पुलिस में तीन मामले शामिल हैं।
पुलिस का यह भी कहना है कि आरोपी संगठित तरीके से पर्यटकों को निशाना बना रहा था। उसकी इस गतिविधि ने राज्य की पर्यटन छवि को अत्यधिक प्रभावित किया है। पुलिस ने बताया कि शिरोडकर के ठगी के तरीके में एक पैटर्न है। वह पहले ग्राहकों को आकर्षित करता है, फिर उन्हें होटल में लाकर धोखाधड़ी करता है। पुलिस अब इस ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान पर भी काम कर रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने यह सुनिश्चित किया है कि इस तरह की गतिविधियां न हों। स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की ठगी को रोकना बेहद जरूरी है ताकि गोवा की छवि और पर्यटन को सुरक्षित रखा जा सके।
फिलहाल जांच जारी है, और पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में और भी महत्वपूर्ण सबूत मिल सकते हैं। वे अन्य शिकायतों की जांच भी कर रहे हैं और आशा करते हैं कि बाकी आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।