चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग और ईरानी उप राष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक

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Navbharat Times
बीजिंग में 20 अक्टूबर को चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने ईरान के पहले उप राष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ से मुलाकात की। यह मुलाकात दुशानबे में एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद के 25वें सम्मेलन के दौरान हुई। ली छ्यांग ने कहा कि चीन और ईरान के बीच गहरी मित्रता का लंबा इतिहास है। इस साल दोनों देशों के बीच सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी की स्थापना की 10वीं वर्षगांठ भी है। चीन इस अवसर का लाभ उठाकर विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के लिए इच्छुक है।

ली छ्यांग ने कहा, "इस साल में मध्यपूर्व की स्थिति डांवाडोल रही है।" उन्होंने बताया कि सभी देशों की प्रभुसत्ता और सुरक्षा का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी पक्षों को शांति के विकल्प को अपनाना चाहिए और जल्दी से वार्ता फिर से शुरू करनी चाहिए। इससे राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यम से मतभेदों को सुलझाया जा सकता है। ली छ्यांग ने यह भी कहा कि चीन वार्ता को बढ़ाने का पूरा प्रयास करता है। राष्ट्रपति शी द्वारा पेश किए गए प्रस्तावों के अनुसरण में चीन क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और विकास के लिए प्रयास जारी रखेगा।
मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा कि ईरान चीन के साथ अपने संबंधों को खास महत्व देता है। वे विभिन्न क्षेत्रों में लाभकारी सहयोग को मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने एससीओ और ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय ढांचे में समन्वय बढ़ाने की इच्छा जताई। आरिफ ने कहा, "ईरान चीन के साथ संबंधों को बड़ा महत्व देता है।" इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रपति शी के प्रस्ताव का स्वागत किया और वार्ता के माध्यम से मतभेद सुलझाना चाहा। ईरान इस्लामाबाद मेमोरेंडम के आधार पर जल्दी से क्षेत्रीय शांति बहाल करने की उम्मीद करता है।

इस मुलाकात से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ कि चीन और ईरान, दोनों मिलकर मध्यपूर्व में शांति और सुरक्षा की बहाली के लिए प्रयासरत हैं।

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