अभिजीत दीपके का संदेश: दिवाली तक प्रदर्शन न करने की घोषणा, परिवार के साथ रहने की अपील
अभिजीत दीपके का संदेश: दिवाली तक प्रदर्शन न करने की घोषणा, परिवार के साथ रहने की अपील
NewsPoint•
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक वीडियो संदेश में अपने समर्थकों को बताया कि वे दिवाली तक कोई प्रदर्शन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यह वक्त परिवार के साथ बिताने का है, खासकर उन घटनाओं के बाद जो हाल ही में हुई थीं, जिससे उनके समर्थकों के परिवार भी चिंतित हैं। दीपके ने वीडियो में यह भी कहा कि लंबे समय तक चलने वाले प्रदर्शन के कारण लोगों पर भावनात्मक दबाव पड़ा है।
दीपके का यह संदेश 16 मिनट से अधिक लंबा था। उन्होंने अपने समर्थकों को याद दिलाया कि त्योहार के समय परिवार के साथ रहना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "हम इस ब्रेक के दौरान अपने करीबियों का ख्याल रखें।" उनका मानना है कि परिवार के साथ बिताया गया समय बेहद जरूरी है, ताकि लोग त्योहार की खुशियों में शामिल हो सकें।साथ ही, दीपके ने अपने दो साथियों, सौरव दास और आशुतोष रांका का भी जिक्र किया, जो इस समय तिहाड़ जेल में बंद हैं। दीपके ने कहा कि सोमवार को अदालत ने दोनों की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। उन्होंने सौरव दास की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि वह कई दिनों से जेल में रहने के बाद भी अदालत में मुस्कुराते हुए आते हैं। उन्होंने कहा, "सौरव की मां का भरोसा है कि उनका बेटा मजबूत है और इस परिस्थिति का सामना कर लेगा।"
आशुतोष रांका के परिवार की कहानी भी बेहद भावनात्मक थी। दीपके ने बताया कि रांका का अंकल हाल ही में निधन हो गया, लेकिन वह जेल में होने के कारण अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए। इस कठिन समय में, रांका के परिवार ने कहा कि वह सही मुद्दे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। "हमें उनकी चिंता करने की जरूरत नहीं है," दीपके ने परिवार के धैर्य की प्रशंसा की।
दीपके ने अपने संदेश में कहा कि उनका आंदोलन नफरत के खिलाफ है। उन्होंने सभी समर्थकों को यह सलाह दी कि वे किसी भी उकसावे का जवाब नफरत या गुस्से से न दें। उन्होंने कहा, "हम महात्मा गांधी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने की बात करते हैं।" दीपके ने कहा कि उनके दो साथी, सौरव दास और आशुतोष रांका बिना गुस्से और नफरत के जेल गए हैं।
वीडियो के अंत में, दीपके ने अपने आलोचकों और सोशल मीडिया पर ट्रोल करने वालों को संदेश दिया। उन्होंने कहा, "भावनाएं कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत हैं।" उन्होंने अपने समर्थकों को एकजुट रहने और नफरत से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।
इस बीच, दीपके ने स्पष्ट किया कि दिवाली तक कोई प्रदर्शन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह हर किसी के लिए अपने परिवार के साथ समय बिताने का सही समय है। उनके वीडियो का मुख्य संदेश था कि हम सभी को आराम करने और त्योहार का जश्न मनाने का मौका मिलना चाहिए।
अभिजीत दीपके ने एक बार फिर अपने समर्थकों से अपील की कि वे आंदोलन के मूल विचारों को बनाए रखें। उन्होंने सभी को याद दिलाया कि त्योहार के इस पावन अवसर पर, हमें सौरव और आशुतोष को भी याद रखना है, जो इस समय अपने परिवार से दूर हैं।
दीपके का यह संदेश इन दिनों और भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है। निरंतर प्रदर्शन और हाल की घटनाओं के बीच, परिवार के साथ बिताया गया समय ही हमारी ताकत है। इसे ध्यान में रखते हुए, उन्होंने कहा कि इस समय को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए।
उनका यह संदेश हमें यह सिखाता है कि भावनाएं हमारी कमजोरी नहीं, बल्कि हमारी ताकत हैं। यह समय एक-दूसरे का सहारा बनने, परिवार से जुड़ने और अपने प्रियजनों के साथ खुशियां बांटने का है।
इस तरह, अभिजीत दीपके ने समर्थन और अपने साथियों की हिम्मत को मजबूत करने की कोशिश की है। उनका संदेश निश्चित रूप से सभी को जोड़े रखने और एक सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
अंत में, हमें यह याद रखना चाहिए कि त्योहार के समय परिवार के साथ बिताया गया समय सबसे मूल्यवान होता है। और यही वह समय है जब हमें नफरत और गुस्से से दूर रहकर प्यार और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए।