उत्तराखंड मंत्री रेखा आर्य की मामले की जांच में एसआईटी ने दर्ज किया बयान, फर्जी दस्तावेजों का सत्यापन जारी
उत्तराखंड मंत्री रेखा आर्य की मामले की जांच में एसआईटी ने दर्ज किया बयान, फर्जी दस्तावेजों का सत्यापन जारी
NewsPoint•
उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य द्वारा दायर मुकदमे की जांच अब विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही है। इस टीम ने हाल ही में मंत्री का बयान दर्ज किया है। जांच अधिकारी डिप्टी एसपी जया बलूनी ने बताया कि मंत्री की Facebook पर साझा की गई ऑडियो क्लिप भी जांच का हिस्सा है। इसके साथ ही, आरोपों और कथित फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि की जा रही है।
जया बलूनी ने कहा कि "मामले से जुड़े कई तथ्यों की पुष्टि करना जरूरी है।" इस प्रक्रिया के तहत, संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मूल दस्तावेज प्राप्त करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है। "जांच की गति को लेकर उठ रहे सवालों पर मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि कई बिंदुओं पर जांच और पुष्टि किया जाना अभी बाकी है।"मंत्री रेखा आर्य ने अपने मामले में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी ओर से फेसबुक पर शेयर की गई ऑडियो क्लिप को भी सही तरीके से जांच में शामिल किया गया है। जया बलूनी ने बताया कि मंत्री के बयानों का सत्यापन किया जा रहा है। जहां तक आरोपों का सवाल है, उनमें फर्जी दस्तावेजों का मामला भी उठाया गया है, इसलिए उन दस्तावेजों का मूल रूप में मिलना बहुत जरूरी है।
जांच टीम इस दिशा में भी प्रयास कर रही है। बलूनी ने बताया कि "मामले में मूल दस्तावेजों की जरूरत है और उन्हें हासिल करने के लिए आगे प्रयास किए जा रहे हैं।" देहरादून में, जांच की सुस्ती के आरोपों पर जया बलूनी ने कहा कि "जिन तथ्यों को जुटाना आवश्यक है, उन पर काम किया जा रहा है।" इसका मतलब है कि सभी तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विशेष जांच टीम ने बरेली में एक टीम भी भेजी थी। वहां कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिनकी फोटोकॉपी ली गई है। हालांकि, अभी भी मूल दस्तावेजों की आवश्यकता है, ताकि जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। जया बलूनी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।
जांच की पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य सही तथ्यों को सामने लाना है। जैसे-जैसे यह जांच आगे बढ़ रही है, मंत्री रेखा आर्य की ओर से उठाए गए सवाल और आरोपों की गंभीरता भी सामने आएगी। इस पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, और मंत्री के बयान की सत्यता पर जांच का परिणाम सबके सामने आएगा। पूरे मामले में सभी संबंधित पहलुओं की पुष्टि के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।