स्वच्छता अभियान 6.0: ई कचरे के निपटान से 490 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित, दोगुना होने की संभावना
स्वच्छता अभियान 6.0: ई-कचरे के निपटान से 490 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित, दोगुना होने की संभावना
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नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार का स्वच्छता अभियान 6.0 ई-कचरे और अनुपयोगी सामान के निपटान के माध्यम से सरकार को राजस्व जुटा रहा है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को बताया कि इस अभियान की शुरुआत से मात्र 16-17 दिनों में लगभग 490 करोड़ रुपये की राशि सरकार के खाते में जमा हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि 31 अक्टूबर तक यह आंकड़ा दोगुना हो सकता है।
यह विशेष स्वच्छता अभियान 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से शुरू हुआ था और 31 अक्टूबर (पटेल जयंती) तक चलेगा। जितेंद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस अभियान का मकसद लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नई पहल करना है। उन्होंने यह भी बताया कि यह कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक लंबी समयावधि का प्रयास है ताकि स्वच्छता की प्रतिबद्धता को मजबूत किया जा सके। पिछले अभियानों की तुलना में यह अभियान खास है क्योंकि इसमें नए प्रयोग किए जा रहे हैं।उन्होंने आगे बताया कि पिछले अभियान में इलेक्ट्रॉनिक और अन्य अनुपयोगी सामान के निपटान से करीब 6,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। इस बार भी, स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत ई-कचरे के निपटान के लिए गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। जितेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “कर्तव्य भवन स्थित कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग मुख्यालय में स्पेशल स्वच्छता कैंपेन 6.0 के तहत ई-कचरा निपटान गतिविधि में हिस्सा लिया।”
उन्होंने ई-कचरे के निपटान के उदाहरण दिए। निपटाए गए सामान में 152 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 35 प्रिंटर, 8 स्कैनर, 3 फोटोकॉपी मशीनें, 59 यूपीएस यूनिट, 52 एयर कंडीशनर, 4 टेलीविजन, 5 रेफ्रिजरेटर, 17 वॉटर डिस्पेंसर और 217 अन्य वस्तुएं शामिल थीं। इन सभी का कुल मूल्य 9 लाख रुपये था। यह सभी सामान अब उपयोग में नहीं थे और इन्हें सही तरीके से निपटाना जरूरी था।
केंद्र सरकार की यह पहल न केवल ई-कचरे के निपटान में मदद कर रही है, बल्कि साथ ही सरकारी खजाने में भी योगदान कर रही है। जितेंद्र सिंह ने विश्वास जताया कि अभियान की अंतिम तिथि तक, यानि 31 अक्टूबर तक, सरकारी राजस्व का यह आंकड़ा बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा।
इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ कचरा निपटाना नहीं है, बल्कि यह नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना भी है। यह एक प्रेरणा है लोगों के लिए कि वे अपने आस-पास की सफाई रखें और अनुपयोगी सामान को सही तरीके से निपटान करें। जितेंद्र सिंह ने कहा कि स्वच्छता पर ध्यान हर दिन आवश्यक है, लेकिन इस अभियान के माध्यम से हम एक नई शुरुआत कर रहे हैं।
अतः, इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य है देश को साफ रखना और एकजुट होकर स्वच्छता के प्रति संकल्पित रहना। आशा है कि आगे भी ऐसे ही प्रयास किए जाएंगे जो भारत को और स्वच्छ बनाएंगे।