हावड़ा होटल में 4 लाख की रिश्वत लेते चार गिरफ्तार, सीबीआई ने लखनऊ आरडीएसओ के दो कर्मचारी पकड़े
हावड़ा होटल में 4 लाख की रिश्वत लेते चार गिरफ्तार, सीबीआई ने लखनऊ आरडीएसओ के दो कर्मचारी पकड़े
NewsPoint•
हावड़ा, 15 सितंबर। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा में एक होटल में 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए लखनऊ स्थित अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) के दो सरकारी कर्मचारियों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी कोलकाता की एक निजी कंपनी से अनुकूल संयंत्र और मशीनरी निरीक्षण रिपोर्ट जारी करने के बदले अनुचित लाभ लेने के आरोप में हुई है। सीबीआई ने जाल बिछाकर इन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा और उनके पास से 4 लाख रुपये की रिश्वत के अलावा 4.73 लाख रुपये नकद भी बरामद किए। इस मामले में कोलकाता और लखनऊ सहित कई जगहों पर तलाशी ली गई, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं।
सीबीआई ने इस मामले में लखनऊ आरडीएसओ के उप निदेशक आशुतोष कुमार और वरिष्ठ अनुभाग अभियंता दीपक कुमार को गिरफ्तार किया है। इनके साथ ही कोलकाता की निजी कंपनी उत्कर्ष इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधियों शशांक अग्रवाल और स्वरूप कुमार राय को भी पकड़ा गया है। इन सभी पर आरोप है कि सरकारी कर्मचारियों ने निजी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर एक निजी कंपनी से अच्छी निरीक्षण रिपोर्ट देने के बदले रिश्वत ली। सीबीआई ने मंगलवार को इन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें हिरासत में लेने के लिए विशेष अदालत में पेश करेगी।यह मामला तब सामने आया जब सीबीआई को शिकायत मिली कि सरकारी कर्मचारी एक निजी कंपनी से रिश्वत ले रहे हैं। सीबीआई ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक जाल बिछाया और हावड़ा के एक होटल में इन आरोपियों को 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। इस दौरान उनके पास से 4.73 लाख रुपये नकद भी मिले। सीबीआई ने बताया कि तलाशी के दौरान कोलकाता, लखनऊ और बिहार में आरोपियों के घरों और दफ्तरों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं, जो इस मामले को साबित करने में मदद करेंगे।
एक अलग मामले में, सीबीआई ने दक्षिण पूर्वी रेलवे के आद्रा डिवीजन के बोकारो स्थित भोजुडीह के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक चंद्र शेखर गुप्ता को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता से चिकित्सा अवकाश स्वीकृत कराने के बदले 25,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। सीबीआई ने जाल बिछाकर गुप्ता को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये लेते हुए पकड़ा। आरोपी लोक सेवक के कार्यालय और घर की तलाशी ली गई है। गुप्ता को धनबाद स्थित विशेष सीबीआई न्यायालय में पेश किया जाएगा।
यह दोनों मामले भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई की कड़ी कार्रवाई को दर्शाते हैं। सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों द्वारा रिश्वतखोरी के ऐसे मामले आम हो गए हैं, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सीबीआई इन मामलों की जांच कर दोषियों को सजा दिलाने का प्रयास कर रही है। इन गिरफ्तारियों से यह साफ होता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सीबीआई ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों को हिरासत में लेने के लिए विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में आगे की जांच जारी है और सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस रैकेट में और भी लोग शामिल हैं। तलाशी के दौरान मिले आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य इस मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वहीं, दक्षिण पूर्वी रेलवे के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक चंद्र शेखर गुप्ता के मामले में भी सीबीआई ने त्वरित कार्रवाई की है। शिकायत मिलने के तुरंत बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर उन्हें रिश्वत लेते हुए पकड़ा। यह घटना सरकारी कर्मचारियों द्वारा अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने का एक और उदाहरण है। सीबीआई ने गुप्ता के कार्यालय और घर की तलाशी ली है और आगे की जांच कर रही है। उन्हें धनबाद स्थित विशेष सीबीआई न्यायालय में पेश किया जाएगा।
ये गिरफ्तारियां जनता के बीच यह संदेश पहुंचाती हैं कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीबीआई अपनी पूरी क्षमता से ऐसे मामलों की जांच कर रही है और दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन घटनाओं से सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।