राम मंदिर चंदा गड़बड़ी: एसआईटी दो दिन में दाखिल करेगी चार्जशीट, सुप्रीम कोर्ट को यूपी सरकार ने दी जानकारी
राम मंदिर चंदा गड़बड़ी: एसआईटी दो दिन में दाखिल करेगी चार्जशीट, सुप्रीम कोर्ट को यूपी सरकार ने दी जानकारी
NewsPoint•
नई दिल्ली, 21 सितंबर: सुप्रीम कोर्ट को उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को बताया कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चंदे और चढ़ावे में कथित वित्तीय गड़बड़ियों की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने अपना अधिकांश काम पूरा कर लिया है और अगले दो दिनों में चार्जशीट दाखिल कर देगी। यह जानकारी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच के सामने दी गई, जो श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले चंदे और चढ़ावे के प्रबंधन में कथित वित्तीय गड़बड़ियों की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जमा कर दी गई है। एसजी मेहता ने बेंच को यह भी सूचित किया कि चार्जशीट दाखिल करने की समयसीमा 25 सितंबर को समाप्त हो रही है और चार्जशीट अगले दो दिनों के भीतर दाखिल कर दी जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वस्त किया कि जांच का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है और बाकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सक्षम अदालत में चार्जशीट पेश कर दी जाएगी। इस जानकारी को रिकॉर्ड पर लेते हुए, बेंच ने संबंधित सेशन जज को कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करने की अनुमति दे दी।सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों का विश्लेषण करके आरोपियों की पहचान कैसे की। साथ ही, दान और चढ़ावे से जुड़े रिकॉर्ड की भी गहन जांच की गई। रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से मंदिर में दान की चोरी की 105 घटनाएं सामने आईं। यह एक महत्वपूर्ण खुलासा है जो वित्तीय अनियमितताओं की गंभीरता को दर्शाता है।
स्टेटस रिपोर्ट में शीर्ष अदालत को यह भी बताया गया कि चढ़ावे के रूप में मिली कीमती वस्तुओं की रसीदें सॉफ्टवेयर के माध्यम से तैयार की जाती हैं। इन कीमती वस्तुओं को सुरक्षित रखने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के लॉकर में रखा जाता है। यह व्यवस्था पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
यह ताजा घटनाक्रम तब सामने आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने पहले उत्तर प्रदेश सरकार को अनियमितताओं की जांच कर रही एसआईटी का पुनर्गठन करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि जांच निष्पक्ष, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण हो। इससे पहले की सुनवाई में, उत्तर प्रदेश सरकार ने शीर्ष अदालत को सूचित किया था कि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के साथ एसआईटी का पुनर्गठन किया गया है और उसने जांच का जिम्मा संभाल लिया है।
पुनर्गठित एसआईटी की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) किरण एस. कर रही हैं। इस टीम में अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर भी सदस्य के तौर पर शामिल हैं। यह पुनर्गठन जांच प्रक्रिया को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया था। एसआईटी अब इस मामले की तह तक जाने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी निगरानी और एसआईटी के सक्रिय प्रयासों से उम्मीद है कि जल्द ही सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा। यह घटना अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के प्रबंधन में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जनता को भी इस जांच प्रक्रिया पर भरोसा है कि न्याय होगा।