ISL ने करण यादव को नया CEO नियुक्त किया, क्लब-नेतृत्व वाले मॉडल पर जोर

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मुंबई, 21 सितंबर (PTI) इंडियन सुपर लीग (ISL) ने अपने नए क्लब-आधारित मॉडल के तहत करण यादव को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। यादव, जो हाल ही में JSW Sports में चीफ कमर्शियल ऑफिसर थे, अब ISL के लीग ऑफिस का नेतृत्व करेंगे। वे लीग की रणनीतिक, व्यावसायिक और संगठनात्मक दिशा तय करेंगे। साथ ही, वे ISL के क्लबों और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के साथ मिलकर काम करेंगे।

करण यादव का मुख्य काम ISL की समग्र रणनीति और व्यावसायिक दिशा को आकार देना होगा। वे क्लबों, प्रसारकों, प्रायोजकों और अन्य हितधारकों के साथ संबंधों को मजबूत करेंगे। इसके अलावा, वे एक ऐसी लीग ऑफिस टीम बनाएंगे जो ISL के दीर्घकालिक विकास और स्थिरता में मदद करे। इस नए क्लब-आधारित मॉडल से लीग ऑफिस और क्लबों के बीच व्यावसायिक रणनीति, साझेदारी, प्रसारण, प्रशंसक जुड़ाव और प्रतियोगिता के विकास में बेहतर तालमेल बनेगा। यादव इस प्रयास का नेतृत्व करेंगे और क्लबों के साथ मिलकर एक एकजुट लीग रणनीति बनाएंगे। इससे ISL भारतीय फुटबॉल पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकेगा।
यादव ने कहा, "ISL एक महत्वपूर्ण नए अध्याय में प्रवेश कर रही है, और मैं आगे क्या होगा इसे आकार देने के अवसर से उत्साहित हूं। क्लब-आधारित मॉडल हमें लीग और भारतीय फुटबॉल के लिए एक साझा महत्वाकांक्षा के साथ, क्लबों और ISL की प्रबंध समिति के साथ काम करने के लिए एक मजबूत नींव देता है।"

उन्होंने आगे कहा, "हमारा ध्यान एक मजबूत और प्रभावी लीग ऑफिस बनाने पर होगा। हम लीग के व्यावसायिक और प्रसारण प्रस्ताव को मजबूत करेंगे। प्रशंसकों के साथ इसके जुड़ाव को गहरा करेंगे और एक ऐसा माहौल बनाएंगे जहां क्लब स्थायी रूप से विकसित हो सकें। अंततः, हम एक ऐसी लीग बनाना चाहते हैं जो मजबूत हो, अधिक जुड़ी हुई हो और भारतीय फुटबॉल को आगे ले जाने में सक्षम हो।"

JSW Sports में अपने पिछले कार्यकाल में, करण यादव ने ₹300 करोड़ से अधिक के लाभ और हानि (P&L) का प्रबंधन किया था। यह जिम्मेदारी खेल फ्रेंचाइजी, प्रतिभा प्रबंधन और ब्रांड परामर्श जैसे क्षेत्रों में फैली हुई थी। उनकी नियुक्ति ISL के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि लीग एक नए युग में प्रवेश कर रही है जहाँ क्लबों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। यह मॉडल सुनिश्चित करता है कि लीग का नेतृत्व उन लोगों द्वारा किया जाए जो खेल और इसके व्यावसायिक पहलुओं को गहराई से समझते हैं। ISL का लक्ष्य इस नई संरचना के माध्यम से भारतीय फुटबॉल को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

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